हरिद्वार, पूजा अग्रवाल। हरिद्वार पुलिस ने तीन वर्षीय बच्ची के अपहरण के मामले का महज 72 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय बच्चा चोरी एवं मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह की दो महिला सदस्यों समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहृत बच्ची के साथ-साथ दिल्ली से चोरी किए गए एक अन्य मासूम बच्चे को भी सकुशल बरामद किया है।

एसएसपी नवनीत सिंह की निगरानी में चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक फैले नेटवर्क का पर्दाफाश किया। जांच में सामने आया कि गिरोह निसंतान दंपतियों को बच्चों की आपूर्ति करने के लिए उनका अपहरण कर दो से पांच लाख रुपये तक में सौदा करता था। एसएसपी नवनीत सिंह ने कहा कि पुलिस ने एक मां से किया गया अपना वादा पूरा किया है। उन्होंने मामले के खुलासे में जुटी सभी टीमों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की तस्करी जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
झुग्गी बस्ती से अगवा हुई थी तीन वर्षीय बच्ची
बीते 6 जून को बैरागी कैंप स्थित झुग्गी बस्ती निवासी विनोद सोलंकी ने कनखल कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी तीन वर्षीय पुत्री राधिका को कोई अज्ञात व्यक्ति उठाकर ले गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर कई टीमों का गठन किया।
पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगालने, डंप डाटा विश्लेषण, मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने और सोशल मीडिया की मदद से संदिग्धों की पहचान कर गिरोह तक पहुंच बनाई। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से घबराए गिरोह के अन्य सदस्य अपहृत बच्ची को दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर लावारिस छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर हरिद्वार पुलिस की टीम ने दिल्ली पहुंचकर बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया।
दिल्ली से चोरी हुआ एक और बच्चा भी मिला
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह ने 24 मई को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से कार्तिक नामक करीब डेढ़ वर्षीय बच्चे का भी अपहरण किया था। आरोपी उसे डेढ़ लाख रुपये में बदायूं के एक व्यक्ति को बेच चुके थे। पुलिस ने बच्चे को भी सकुशल बरामद कर लिया है तथा मामले की जानकारी दिल्ली पुलिस को दे दी गई है।
बच्चों की खरीद-फरोख्त का संगठित नेटवर्क
जांच में पता चला कि गिरोह में प्रत्येक सदस्य की अलग-अलग भूमिका थी। कुछ सदस्य बच्चों की रेकी और अपहरण करते थे, जबकि अन्य उन्हें दूसरे राज्यों में ले जाकर ग्राहकों की तलाश करते थे। गिरफ्तार आरोपी आकिल और प्रीति शर्मा बच्चों का सौदा तय करने और उन्हें अपना या अनाथ बताकर बेचने का काम करते थे।
पुलिस ने इस मामले में अपहरण के साथ मानव तस्करी की धाराएं भी बढ़ाई हैं। अधिकारियों के अनुसार गिरोह की जड़ें उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड तक फैली हुई हैं तथा इसके अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपी
मोहम्मद आकिल निवासी अमरोहा, उत्तर प्रदेश
नसीमा पत्नी मोहम्मद आकिल
जुल्फेकार निवासी अमरोहा
धर्मेंद्र कुमार निवासी मुजफ्फरनगर
प्रीति शर्मा पत्नी धर्मेंद्र कुमार
शिवा सिंह उर्फ गौरव निवासी बिहार, हाल निवासी हरिद्वार