हरिद्वार, 2 जून। नई शिक्षा नीति के तहत भारतीय भाषाओं के संवर्धन और विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से राजकीय प्राथमिक विद्यालय झाबरी में आयोजित सात दिवसीय भारतीय भाषा समर कैंप-2026 का सफलतापूर्वक समापन हो गया। समापन अवसर पर विद्यार्थियों ने कविता, गीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

विद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष शिविर के दौरान बच्चों को भारतीय भाषाओं के प्रति रुचि विकसित करने, अभिव्यक्ति कौशल बढ़ाने तथा साहित्यिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कैंप में कहानी लेखन, कविता पाठ, समूह चर्चा, रचनात्मक लेखन और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सीखने का अवसर मिला।

समापन समारोह में विद्यार्थियों ने प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता पर आधारित कविताएं प्रस्तुत कीं। पेड़ों, बादलों और प्राकृतिक सौंदर्य पर आधारित गीतों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। इसके अलावा बच्चों द्वारा प्रस्तुत लघु नाटिका ने सामाजिक संदेश देते हुए दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।
विद्यालय प्रशासन के अनुसार सात दिनों तक चले इस शिविर का उद्देश्य बच्चों में भाषा के प्रति प्रेम विकसित करने के साथ-साथ उनकी कल्पनाशक्ति, आत्मविश्वास और मंच संचालन क्षमता को बढ़ाना था। कैंप के दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक सभी गतिविधियों में भाग लिया और अपनी रचनात्मक क्षमताओं का प्रदर्शन किया।

समापन समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं कैंप संयोजक आशीष कुमार लोहट ने कहा कि भारतीय भाषाएं हमारी सांस्कृतिक विरासत की आधारशिला हैं। ऐसे शिविर विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा और भारतीय भाषाई परंपरा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनते हैं। उन्होंने कैंप को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में शिक्षिका मंजू देवी चौहान, शिक्षक प्रवीण कुमार शर्मा तथा शिक्षिका आशा चंदेल सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
कैंप के दौरान विद्यार्थियों के भोजन की व्यवस्था संभालने वाली भोजन माताएं बेरी देवी और उषा देवी भी समापन समारोह में मौजूद रहीं। विद्यालय परिवार ने बच्चों की देखभाल और व्यवस्थाओं में उनके योगदान की प्रशंसा की।
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार के समर कैंप भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे ताकि बच्चों को सीखने के साथ-साथ अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अधिक अवसर मिल सकें। समापन के साथ ही विद्यार्थियों के चेहरों पर नए अनुभवों और उपलब्धियों की खुशी साफ दिखाई दी।