हरिद्वार, 01 जून( अभिषेक गुप्ता )। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत सोमवार को बी.एच.ई.एल. कन्वेंशन हॉल, रानीपुर में आयोजित बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठाई। प्रशिक्षण शुरू होते ही बीएलओ ने मोबाइल, डाटा और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग लगातार डिजिटल माध्यम से कार्य करा रहा है, लेकिन आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।
बीएलओ ने कहा कि मतदाता सत्यापन, दस्तावेज अपलोडिंग तथा अन्य निर्वाचन संबंधी कार्य पूरी तरह मोबाइल आधारित हो चुके हैं। इसके बावजूद विभाग की ओर से न तो मोबाइल फोन उपलब्ध कराया गया है और न ही इंटरनेट डाटा की व्यवस्था की गई है। कर्मचारियों का कहना था कि वे अपने निजी संसाधनों का उपयोग कर सरकारी कार्यों को पूरा करने के लिए मजबूर हैं।
प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों ने यह मुद्दा भी उठाया कि भीषण गर्मी और विपरीत परिस्थितियों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण एवं सत्यापन कार्य करना पड़ता है। ऐसे में यदि किसी कर्मचारी के साथ कोई दुर्घटना या स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न होती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। उन्होंने फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की।
कुछ समय के लिए प्रशिक्षण स्थल पर माहौल तनावपूर्ण हो गया और कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। इस दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं प्रशिक्षण के नोडल अधिकारी नरेश कुमार हल्दियानी ने स्थिति को संभालते हुए कर्मचारियों से संवाद किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशिक्षण के दौरान उठाई गई सभी समस्याओं और मांगों को संकलित कर उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा तथा कर्मचारियों की चिंताओं से सक्षम स्तर पर अवगत कराया जाएगा।
नोडल अधिकारी के आश्वासन के बाद कर्मचारी शांत हुए और प्रशिक्षण कार्यक्रम पुनः सुचारु रूप से प्रारंभ हो सका। हालांकि प्रशिक्षण के दौरान उठे मोबाइल, डाटा और सुरक्षा के मुद्दे चर्चा का प्रमुख विषय बने रहे। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की तैयारियों के बीच कर्मचारियों द्वारा उठाए गए इन सवालों ने निर्वाचन कार्यों में लगे कार्मिकों की जमीनी समस्याओं को एक बार फिर सामने ला दिया है।