हरिद्वार से डॉ. शिवा अग्रवाल। जनपद के सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों में 27 मई से 02 जून 2026 तक सात दिवसीय “भारतीय भाषा समर कैंप-2026” आयोजित किया जाएगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार यह कैंप राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों में भारतीय भाषाओं, सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय परंपराओं के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दियानी ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों एवं उप शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने विकासखंडों के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट विद्यालयों में कैंप का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करें। कैंप के आयोजन में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) रुड़की के सहयोग से गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
जारी पत्र के अनुसार समर कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों में मातृभाषा और अन्य भारतीय भाषाओं के प्रति प्रेम एवं सम्मान बढ़ाना, भाषा कौशल विकसित करना तथा स्थानीय कला, संगीत, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से विद्यार्थियों को जोड़ना है। कैंप में कहानी, कविता, लोकगीत, नाटक, चित्रकला, संवाद, भूमिका अभिनय (रोल प्ले) और समूह गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की रचनात्मकता को बढ़ावा दिया जाएगा।
कैंप की थीम “भारतीय भाषाओं के माध्यम से बहुभाषिकता, सांस्कृतिक एकता और अनुभवात्मक अधिगम को बढ़ावा देना” रखी गई है। इसमें बच्चों को गतिविधि आधारित शिक्षा, स्थानीय इतिहास, लोक कलाकारों और क्षेत्रीय संस्कृति से परिचित कराया जाएगा। साथ ही नई शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप अनुभवात्मक अधिगम को प्रोत्साहित किया जाएगा।
विशेष बात यह है कि इस बार समर कैंप में समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भारतीय सांकेतिक भाषा (Indian Sign Language-ISL) को भी शामिल किया गया है। कैंप के दौरान विद्यार्थियों को भारतीय सांकेतिक भाषा, उसके शब्दकोश, मोबाइल ऐप और ई-कंटेंट से परिचित कराया जाएगा।
प्रशिक्षण सामग्री में भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र (ISLRTC) द्वारा विकसित सामग्री का उपयोग किया जाएगा। इसमें कक्षा छह के लिए 100 कॉन्सेप्ट वीडियो, सांकेतिक भाषा शब्दकोश, मोबाइल ऐप, वीडियो रिले सेवा, वित्तीय शब्दावली, एनसीईआरटी ई-कंटेंट और बेसिक इंडियन साइन लैंग्वेज कोर्स जैसी जानकारियां शामिल होंगी।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कैंप से संबंधित दैनिक गतिविधियों की सूचना प्रतिदिन ई-मेल के माध्यम से भेजी जाए। शिक्षा विभाग का मानना है कि यह समर कैंप बच्चों में भाषाई समृद्धि, सांस्कृतिक समझ, सामाजिक सहभागिता और आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।