हरिद्वार। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन (NMOPS) उत्तराखंड के संयोजन में मंगलवार को हरिद्वार में पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण के विरोध और टीईटी अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर विशाल बाइक रैली निकाली गई। रैली जटवाड़ा पुल, ज्वालापुर से प्रारंभ होकर रानीपुर मोड़, चिन्मय डिग्री कॉलेज होते हुए रोशनाबाद स्थित जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंची।

रैली में विभिन्न विभागों के हजारों शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए। प्रतिभागियों ने “पुरानी पेंशन बहाल करो”, “एनपीएस खत्म करो”, “निजीकरण बंद करो” और “टीईटी अनिवार्यता समाप्त करो” जैसे नारे लगाते हुए अपनी मांगों को जोरदार ढंग से उठाया। पूरे मार्ग में रैली को व्यापक जनसमर्थन मिला।

समापन पर प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली, सरकारी विभागों के निजीकरण पर रोक और 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने की मांग की।
इस अवसर पर प्रांतीय अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है और इसे हर हाल में बहाल कराया जाएगा। महामंत्री मुकेश रतूड़ी ने एनपीएस को कर्मचारियों के भविष्य के लिए असुरक्षित बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग की। गढ़वाल मंडल अध्यक्ष विकास कुमार शर्मा ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। जिलाध्यक्ष सुखदेव सैनी ने कहा कि कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए एकजुट हैं और संघर्ष जारी रहेगा। कर्मचारी नेता जे.पी. चाहर ने कहा कि “यह आंदोलन कर्मचारियों के सम्मान और भविष्य से जुड़ा है, और इसमें सभी कर्मचारी तन, मन और धन से सहयोग कर रहे हैं तथा आगे भी करते रहेंगे। डॉ. शिवा अग्रवाल ने कहा कि टीईटी अनिवार्यता जैसे मुद्दों पर सरकार को व्यावहारिक निर्णय लेना चाहिए, ताकि लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों के साथ न्याय हो सके।
रैली में शांतनु शर्मा, चंद्रहास सिंह, मुकेश चौहान, मनोज सैनी, वीरसिंह पंवार, सदाशिव भास्कर, दीपक चौहान, अश्वनी चौहान, हेमेंद्र चौहान, राजेश सैनी, ललित मोहन जोशी, अनिल चौधरी, ईश्वर दत्त, दर्शन सिंह पंवार, मनोज बरछीवाल, विनय कुमार, खीमानंद भट्ट, अरुण कुमार, मोहित मनोचा, कुलदीप सैनी मुकांशी, रघुवंशी, तारा सिंह, चंद्रकांत बिष्ट, ज्योतिराम, बबलू अधाना, सतेन्द्र कुमार, बृजमोहन मौर्य, सोमपाल सिंह, राजीव शर्मा, तेजवीर सिंह, कृष्णपाल सिंह, इकराम अहमद, संदीप पाराशर, मदनपाल सिंह, अखिलेश धारीवाल, मीनाक्षी बालियान, निरोम चौधरी, रवि कुमार, अमित कुमार, अतुल कुमार, निशांत चौहान, अर्चना, नीलम, प्रतिमा सिंह, बबीता शर्मा, जॉनी प्रसाद, शिवकुमार पाल, कुलदीप सिंह, विनोद उपाध्याय, विधि गुप्ता, मनोजचंद, सचिन पवार, कुलदीप सैनी, सरिता मलिक, चंद्रपाल सिंह धीमान, राजकुमार सैनी, ओमप्रकाश सोनकर, यशपाल सिंह, अर्चना सहित सैकड़ों शिक्षक-कर्मचारी मौजूद रहे।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।