हरिद्वार। भारत में आगामी Census of India 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण का कार्य 25 अप्रैल से शुरू होना प्रस्तावित है, लेकिन इससे पहले ही जनगणना विभाग द्वारा तैयार किया गया डिजिटल पोर्टल तकनीकी खामियों के चलते ठप हो गया है। इससे हरिद्वार जनपद में तैनात प्रगणक (Enumerators) और सुपरवाइजर पूरे दिन परेशान रहे।
जानकारी के अनुसार, Registrar General and Census Commissioner of India द्वारा इस बार जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने का प्रयास किया गया है। इसके तहत मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से मकानों का सूचीकरण और डेटा संग्रह किया जाना है। लेकिन जमीनी स्तर पर तकनीकी तैयारियां अभी अधूरी नजर आ रही हैं।
हरिद्वार में कई प्रगणकों ने बताया कि पोर्टल पर मोबाइल नंबर दर्ज करने के बावजूद ओटीपी (OTP) प्राप्त नहीं हो रहा है, जिससे लॉगिन ही संभव नहीं हो पा रहा। सुबह से शाम तक बार-बार प्रयास करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी रही। इससे प्रशिक्षण के बाद भी फील्ड में जाने की तैयारी अधर में लटक गई है।
स्थानीय कर्मचारियों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो 25 अप्रैल से शुरू होने वाला मकान सूचीकरण कार्य प्रभावित हो सकता है। कई सुपरवाइजर्स ने उच्च अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करा दिया है और जल्द समाधान की मांग की है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार की जनगणना को तकनीकी रूप से आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं, लेकिन किसी भी बड़े डिजिटल सिस्टम के लॉन्च से पहले सर्वर क्षमता और परीक्षण (testing) बेहद जरूरी होता है।
हरिद्वार प्रशासन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि समस्या को राज्य और केंद्र स्तर तक पहुंचा दिया गया है और तकनीकी टीम इसे ठीक करने में जुटी हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 1-2 दिनों में पोर्टल सुचारु रूप से काम करने लगेगा।
फिलहाल, जनगणना कार्य से जुड़े कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है और सभी की नजर अब विभागीय समाधान पर टिकी है।