धामी कैबिनेट के 13 बड़े फैसले: अग्निवीरों को भर्ती में राहत, हरिद्वार में प्राच्य शोध संस्थान और बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी

हरिद्वार में हुई कैबिनेट बैठक में रोजगार, आवास और प्रशासनिक सुधार से जुड़े प्रस्तावों पर मुहर; मुख्यमंत्री बोले—जनता के बीच जाकर फैसले लेना सरकार का उद्देश्यहरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में रोजगार, प्रशासनिक सुधार, आधारभूत सुविधाओं, आवास, संस्कृति और जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें पूर्व अग्निवीरों को समूह-ग के वर्दीधारी पदों पर भर्ती में राहत, ऋषिकुल में मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास और मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना प्रमुख रहे।

बैठक के बाद सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने मीडिया को कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में कैबिनेट बैठक आयोजित करने का उद्देश्य जनता से जुड़े फैसले जनता के बीच जाकर लेना और सरकार की निर्णय प्रक्रिया को आम लोगों के करीब लाना है।

अग्निवीरों को सरकारी भर्ती में राहत

कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसलों में पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में भर्ती के लिए राहत देने का निर्णय शामिल है। समूह-ग के वर्दीधारी पदों पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी गई है। इसके तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार लिखित परीक्षा और शारीरिक मानकों में छूट का प्रावधान किया गया है।

इस फैसले को सैन्य सेवा पूरी करने के बाद युवाओं को राज्य की सरकारी सेवाओं में अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ऋषिकुल में स्थापित होगा मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान

हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास एवं विस्तार के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई।

प्रस्तावित संस्थान के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा, योग, ध्यान, ज्योतिष तथा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए देश-दुनिया में विशिष्ट स्थान रखने वाले हरिद्वार में यह पहल भारतीय परंपराओं के अध्ययन, शोध और संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को भी मंजूरी दी। योजना का उद्देश्य साहस, बहादुरी और असाधारण वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित करना है।

इसके माध्यम से विपरीत परिस्थितियों में साहस दिखाने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा। योजना के विस्तृत प्रावधानों से पुरस्कार की पात्रता और चयन प्रक्रिया की जानकारी स्पष्ट होगी।

बाढ़ संभावित क्षेत्रों के लिए नई नियमावली

राज्य में बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि उपयोग और विकास गतिविधियों को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई।

इस नियमावली का उद्देश्य बाढ़ के जोखिम वाले क्षेत्रों में भूमि के उपयोग और विकास कार्यों को नियंत्रित करना है। इससे जोखिम को ध्यान में रखकर नियोजित विकास को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।

निवेश एवं आधारभूत संरचना अधिनियम में संशोधन

कैबिनेट ने निवेश एवं आधारभूत संरचना अधिनियम में संशोधन से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके तहत परिसंपत्तियों के विनिवेश और मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिए जाने का प्रावधान शामिल है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य संबंधित सार्वजनिक संस्थाओं को परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और विकास कार्यों के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने से जुड़ा है।

जन विश्वास संशोधन विधेयक को मंजूरी

कैबिनेट ने द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

इसका उद्देश्य कारोबार से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाना तथा छोटे अपराधों और प्रक्रियात्मक त्रुटियों से जुड़े प्रावधानों में सुधार करना है। इससे कारोबारी गतिविधियों में अनावश्यक कानूनी जटिलताओं को कम करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।

अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक विधानसभा में आएगा

कैबिनेट ने उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके माध्यम से अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं से संबंधित व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कानूनी प्रावधान किए जाने की दिशा में कदम उठाया गया है।

स्वजल एवं जल-स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता बढ़ी

कैबिनेट ने स्वजल एवं जल-स्वच्छता मिशन के कुल 215 पदों की निरंतरता 1 मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक बढ़ाने को मंजूरी दी।

इस निर्णय से संबंधित मिशन के अंतर्गत स्वीकृत पदों की निरंतरता बनाए रखने का रास्ता साफ हुआ है।

भगवानपुर की आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग में छूट

हरिद्वार जिले के भगवानपुर क्षेत्र के सिसौना गांव में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई में छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

उपलब्ध विवरण के अनुसार, निर्धारित 9 मीटर के स्थान पर 6 मीटर चौड़े पहुंच मार्ग को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय से संबंधित आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग से जुड़ी बाधा दूर करने में मदद मिलेगी।

बाजपुर में भू-उपयोग संबंधी त्रुटि में सुधार

ऊधमसिंह नगर जिले के बाजपुर क्षेत्र के भौना इस्लामनगर में भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधारने को मंजूरी दी गई।

संस्कृति विभाग में प्रशासनिक संशोधन

कैबिनेट ने संस्कृति विभाग में विभागाध्यक्ष के रूप में महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय को प्रतिस्थापित करने संबंधी संशोधन को मंजूरी दी। यह निर्णय विभागीय प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव से संबंधित है।

विधानसभा के तृतीय सत्र को मंजूरी

कैबिनेट ने वर्ष 2026 के तृतीय विधानसभा सत्र को आहूत करने की मंजूरी दी। सत्र की तिथि और स्थान तय करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया।

सरकार को आगामी विधानसभा सत्र 30 अक्टूबर से पहले आहूत करना है। ऐसे में सत्र के आयोजन को लेकर आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया

बैठक में उत्तराखंड के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से दिए गए सहयोग और विकास योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रस्ताव भी शामिल रहा।

हरकी पैड़ी पर मां गंगा की पूजा-अर्चना

कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने हरकी पैड़ी पहुंचकर मां गंगा की पूजा-अर्चना और आरती की।

यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष की सेवा पूर्ण होने के अवसर पर किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के स्वस्थ, सुखमय और दीर्घायु जीवन के साथ देश की निरंतर प्रगति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।

चंपावत के बाद हरिद्वार में दूसरी कैबिनेट बैठक

मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में कैबिनेट बैठक आयोजित करने की पहल की है। इसकी शुरुआत चंपावत जिले से हुई थी। हरिद्वार में आयोजित बैठक इस क्रम में दूसरी बैठक रही।

मुख्यमंत्री के अनुसार, जिलों में कैबिनेट बैठक आयोजित करने का उद्देश्य जनता से जुड़े मुद्दों को समझना और निर्णय प्रक्रिया को अधिक जनोन्मुखी बनाना है।

हरिद्वार में हुई कैबिनेट बैठक में रोजगार, प्रशासनिक सुधार, सांस्कृतिक विरासत, आवास और जनकल्याण से जुड़े फैसलों पर जोर दिया गया। अब इन निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन और संबंधित नियमावलियों के विस्तृत प्रावधानों पर नजर रहेगी।

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