थोड़ी सी जो पी ली है…..शराब के नशे में धुत्त मिली मैडम, विभाग ने किया निलंबित

सिंगरौली। सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के शराब के नशे में स्कूल पहुंचने और ड्यूटी के दौरान नशे में पाए जाने के मामले तो अक्सर सामने आते हैं, लेकिन मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले से एक अलग तरह का मामला प्रकाश में आया है। यहां एक सहायक अध्यापिका पर न केवल विद्यालय में शराब के नशे में रहने का आरोप लगा, बल्कि जांच में विद्यालय भवन के एक कक्ष को ही निवास के रूप में इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई। मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने सहायक अध्यापिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

मामला विकासखंड चितरंगी के शासकीय प्राथमिक विद्यालय करसला, संकुल केंद्र शा.उ.मा.वि. कुड़िया का है। जिला शिक्षा अधिकारी, सिंगरौली द्वारा 7 अगस्त 2026 को जारी आदेश के अनुसार विद्यालय में पदस्थ सहायक अध्यापिका श्रीमती श्यामवती सिंह के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद हुई जांच

आदेश के मुताबिक सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो तथा ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई गई। विकासखंड शिक्षा अधिकारी चितरंगी की ओर से कराई गई जांच के बाद 29 जुलाई 2026 को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।

जांच के दौरान विद्यालय पहुंचकर ग्रामीणों और विद्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। आदेश में जांच प्रतिवेदन के हवाले से कहा गया है कि संबंधित सहायक अध्यापिका विद्यालय भवन के एक कक्ष में ही निवास कर रही थीं।

विद्यालय भवन को बना लिया था रहने का ठिकाना

आदेश में उल्लेख है कि जांच के दौरान विद्यालय भवन के कक्ष में उनके रहने की स्थिति सामने आई। साथ ही विद्यालय में शराब के नशे में रहने के आरोप भी प्रथमदृष्टया प्रमाणित पाए गए। विभाग ने विद्यालय भवन के कक्ष का अनधिकृत रूप से निवास के लिए उपयोग करने तथा विद्यालय में शराब के नशे में रहने के कृत्य को गंभीरता से लेते हुए इसे कदाचरण की श्रेणी में माना है। आदेश में यह भी कहा गया है कि इस तरह के कृत्य से विभाग की छवि धूमिल हुई है।

तत्काल प्रभाव से निलंबन

जिला शिक्षा अधिकारी सिंगरौली द्वारा जारी आदेश में सहायक अध्यापिका श्रीमती श्यामवती सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, देवसर कार्यालय निर्धारित किया गया है। आदेश में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता का भी उल्लेख किया गया है।

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