एसआईआर के दूसरे चरण का डीएम मयूर दीक्षित ने किया निरीक्षण, बोले— नोटिस मिलने पर घबराने की जरूरत नहीं

11 में से कोई एक वैध दस्तावेज देने पर पात्र मतदाता का नाम नहीं कटेगा, एआरओ-बीएलओ को पारदर्शी सुनवाई के निर्देश

हरिद्वार। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के दूसरे चरण के तहत जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने गुरुवार को ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने मतदान केंद्रों पर पहुंचकर मतदाताओं से सीधे संवाद किया और एसआईआर की प्रगति के साथ नोटिसों के निस्तारण की प्रक्रिया का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एसआईआर के तहत जारी किए गए नोटिसों पर प्राप्त आपत्तियों और प्रस्तुत अभिलेखों की सुनवाई प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित एआरओ और बीएलओ को निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले में पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

नोटिस मिलने पर घबराएं नहीं

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी मतदाता को विसंगति अथवा अनमैपिंग के संबंध में नोटिस प्राप्त होता है तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 वैध अभिलेखों में से कोई भी एक दस्तावेज प्रस्तुत करने पर किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा।

पारदर्शिता के साथ चल रही है पूरी प्रक्रिया

डीएम ने कहा कि जनपद में विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संचालित की जा रही है। इसमें सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों का भी सकारात्मक सहयोग मिल रहा है, जिससे प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनी हुई है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र मतदाता को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा सभी मामलों का समयबद्ध और नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे। निरीक्षण के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह सहित संबंधित एआरओ, बीएलओ और क्षेत्र के मतदाता उपस्थित रहे।

हरिद्वार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण का निरीक्षण करते जिलाधिकारी मयूर दीक्षित। निरीक्षण के दौरान उन्होंने एआरओ-बीएलओ को पारदर्शी सुनवाई के निर्देश दिए और मतदाताओं से अपील की कि नोटिस मिलने पर घबराएं नहीं, 11 निर्धारित दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करने पर पात्र मतदाता का नाम नहीं काटा जाएगा।

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