पौड़ी गढ़वाल। जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया ने डायट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) परिसर के निरीक्षण के दौरान शौचालयों की बदहाल स्थिति पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “सफाई के लिए आदेश नहीं, आदत की ज़रूरत होती है।”
जिलाधिकारी की यह टिप्पणी केवल डायट परिसर तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी कार्यालयों और संस्थानों की कार्यसंस्कृति पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। उनका कहना था कि जिन स्थानों का प्रतिदिन उपयोग किया जाता है, यदि वहां भी नियमित सफाई नहीं हो रही है और हर काम के लिए आदेश का इंतजार किया जाता है, तो यह जिम्मेदारी के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।
निरीक्षण में पाया गया कि परिसर के कई शौचालयों में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं थी। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि स्वच्छता केवल किसी अभियान या निरीक्षण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह प्रत्येक कर्मचारी की दैनिक कार्यशैली और जिम्मेदारी का हिस्सा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों की पहचान केवल उनकी इमारतों से नहीं होती, बल्कि वहां की साफ-सफाई, अनुशासन और कार्यसंस्कृति से होती है। यदि कर्मचारी अपने कार्यस्थल को स्वच्छ रखने की आदत विकसित करें तो अलग से बार-बार निर्देश जारी करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने, शौचालयों का समय-समय पर निरीक्षण कराने तथा स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थानों में आने वाले विद्यार्थी, अभिभावक और आमजन सबसे पहले वहां की व्यवस्था और स्वच्छता को देखते हैं, इसलिए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।