संघीपुर गढ़ी में पामोलीन ऑयल और स्किम्ड मिल्क पाउडर से बनाया जा रहा था पनीर, इकाई बंद कर लाइसेंस निलंबित
हरिद्वार, 14 अक्टूबर। आगामी नवरात्र और दीपावली पर्व के मद्देनजर खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने लक्सर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। विभागीय टीम ने 13 अक्टूबर की मध्य रात्रि और 14 अक्टूबर की सुबह संघीपुर गढ़ी स्थित पनीर निर्माण इकाई पर छापेमारी की। इस दौरान करीब 3 कुंतल तैयार पनीर, 6 कुंतल सेमी प्रोसेस्ड पनीर और 90 किलोग्राम पामोलीन ऑयल नष्ट कराया गया।
पामोलीन ऑयल और स्किम्ड मिल्क पाउडर से बन रहा था पनीर
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को छापेमारी के दौरान निर्माण स्थल पर एल्यूमीनियम के बड़े टब, डीप फ्रीजर और बिक्री के लिए रखा तैयार पनीर मिला। इसके अलावा करीब 6 कुंतल सेमी प्रोसेस्ड पनीर भी निर्माणाधीन अवस्था में पाया गया। मौके पर 15 किलोग्राम क्षमता वाले बेस्ट चॉइस रिफाइंड पामोलीन ऑयल के छह भरे टिन, 26 खाली टिन और 25 किलोग्राम क्षमता वाले स्किम्ड मिल्क पाउडर के 10 खाली बोरे भी मिले।
जांच के दौरान सामने आया कि इकाई में स्किम्ड मिल्क पाउडर और पामोलीन ऑयल का इस्तेमाल कर पनीर बनाया जा रहा था। विभाग के अनुसार, उत्तराखंड के खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने 7 अगस्त 2026 को एनालॉग पनीर के निर्माण, संग्रहण और विक्रय पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बावजूद इकाई में इस सामग्री का इस्तेमाल कर पनीर का निर्माण किया जा रहा था।
इकाई बंद, खाद्य लाइसेंस भी निलंबित
कार्रवाई के दौरान विभागीय टीम ने मौके पर गड्ढा खुदवाकर करीब 3 कुंतल तैयार पनीर, 6 कुंतल सेमी प्रोसेस्ड पनीर और 90 किलोग्राम पामोलीन ऑयल नष्ट करा दिया। इस तरह करीब 10 कुंतल खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट कराया गया।
विभाग ने पनीर निर्माण इकाई को अग्रिम आदेशों तक बंद करा दिया। इसके साथ ही इकाई पर नोटिस चस्पा कर उसका खाद्य लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया है।
संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू
पनीर निर्माण इकाई के संचालक ताजिम पुत्र फैयाज, निवासी संघीपुर गढ़ी के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मौके से खुले पनीर और पनीर निर्माण में इस्तेमाल किए जा रहे पामोलीन ऑयल के नमूने लेकर जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजे गए हैं। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से संबंधित तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।
अधिकारियों के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय और जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के उपायुक्त गढ़वाल राजेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में की गई। टीम में सहायक आयुक्त महिमानंद जोशी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, योगेंद्र पांडेय और पवन कुमार शामिल रहे। कार्रवाई के दौरान एसपी देहात अभय प्रताप सिंह के सहयोग से उपलब्ध कराए गए पुलिस बल और महिला कांस्टेबल ने भी सहयोग किया।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने कहा कि आगामी त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।