देहरादून/डोईवाला। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के डोईवाला क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की शादी के महज आठ महीने बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने मृतका की मां की तहरीर के आधार पर सचिवालय में तैनात पति सौरभ खत्री, सास और ननद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं नवविवाहित शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध मौत की जांच अब CB-CID करेगी। देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी बोले— मुख्यमंत्री धामी ने CB-CID जांच के आदेश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, सृष्टि कंडारी एक सरकारी विद्यालय में शिक्षिका थीं। उनकी शादी करीब आठ महीने पहले सौरभ खत्री से हुई थी, जो उत्तराखंड सचिवालय में कार्यरत बताए जा रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही सृष्टि पर दहेज की अतिरिक्त मांग को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक दबाव बनाया जाने लगा था। परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार बेटी को समझाकर रिश्ते को बचाने की कोशिश की, लेकिन ससुराल पक्ष का व्यवहार लगातार प्रताड़नापूर्ण बना रहा।
मौत से पहले बनाया वीडियो
मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सृष्टि ने अपनी मौत से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर मानसिक प्रताड़ना का जिक्र करते हुए अपनी मां से माफी मांगी है। वीडियो में कही गई बातों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही उसके आधार पर कोई निष्कर्ष निकाला जाएगा।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका के परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी को दहेज की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित किया गया, जिसके कारण वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थी। उनका कहना है कि यदि समय रहते उसकी शिकायतों पर ध्यान दिया जाता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
डोईवाला पुलिस ने मृतका की मां की तहरीर के आधार पर पति सौरभ खत्री, सास और ननद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न तथा अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक सबूत और वायरल वीडियो सहित सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने पूरे उत्तराखंड में दहेज उत्पीड़न और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है। सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि दहेज प्रताड़ना के मामलों में समय रहते प्रभावी हस्तक्षेप और पीड़ित महिलाओं को पर्याप्त सहायता उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।