हरिद्वार। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मायापुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का स्थापना दिवस उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। प्रधानाचार्य अजय सिंह ने अतिथियों का पटका एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महंत केशवानंद जी ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में सेवा, संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। भारतीय संस्कृति में सेवा को सर्वोच्च धर्म माना गया है। मानव जीवन की सार्थकता केवल अपने लिए जीने में नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में खुशियां लाने और जरूरतमंदों की सहायता करने में है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और अच्छे संस्कारों को भी आत्मसात करना चाहिए। युवा पीढ़ी ही राष्ट्र का भविष्य है और यदि युवा सेवा, समर्पण तथा अनुशासन के मार्ग पर चलेंगे तो एक सशक्त और संस्कारवान समाज का निर्माण होगा। उन्होंने स्वयंसेवकों से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, सामाजिक जागरूकता और जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सच्ची सेवा वही है, जो बिना किसी स्वार्थ के मानव कल्याण के लिए की जाए।
मुख्य अतिथि डॉ. शिवा अग्रवाल ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हम ऐसे देश में जन्मे हैं, जहां पृथ्वी को माता और पूरे विश्व को वसुधा मानने की संस्कृति रही है। हमें मानवता के लिए कार्य करना चाहिए और अपने जीवन में अनुशासन को अपनाना चाहिए। जब देश का प्रत्येक नागरिक जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेगा, तभी देश और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि NSS का मूल मंत्र “मैं नहीं, बल्कि आप” युवाओं को स्वयं से पहले समाज और राष्ट्र के हित को प्राथमिकता देने की प्रेरणा देता है।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थियों की ऊर्जा और प्रतिभा का सकारात्मक उपयोग समाज और राष्ट्र निर्माण में किया जाना चाहिए। सेवा भावना, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को जीवन का हिस्सा बनाकर युवा देश को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम का संचालन हेमंती पंत एवं जाह्नवी ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने NSS के उद्देश्यों और समाज में स्वयंसेवकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सेवा, संस्कार और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य अजय सिंह ने अतिथियों, शिक्षकों एवं सभी स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, NSS स्वयंसेवक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।