बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर प्रकल्प मिशन ज्ञान गंगा का शुभारंभ, डायट प्राचार्य करेंगे लीड

जनपद के छात्र छात्र-छात्राओं को समान, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने का है उद्देश्य

ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से शिक्षा को बेहतर करने के लिए कक्षा 03 से 12 तक के बच्चों को पढ़ाई में उनकी रुचि के अनुसार मिलेगा कंटेंट

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं शिक्षामंत्री धन सिंह रावत के कुशल नेतृत्व एवं निर्देशन में जनपद हरिद्वार में शिक्षा के क्षेत्र में एक अभिनव पहल की ऑनलाईन शुरुआत की गई हैं। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा के मार्गदर्शन में तथा नोडल अधिकारी/डायट प्राचार्य मेराज अहमद के समन्वय से ‘मिशन ज्ञान गंगा’ के अंतर्गत सुलभ शिक्षा का आभासी पायलट प्रकल्प प्रारंभ किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को उनकी रूचि के अनुसार पाठ्यक्रम को पढ़ाया जाना है।

इस आशय की जानकारी देते हुए डायट प्राचार्य मेराज अहमद ने अवगत कराया कि बसंत पंचमी पर सुलभ शिक्षा के आभासी प्रकल्प ‘मिशन ज्ञान गंगा’ का शुभारंभ किया गया। जिसमें दस सदस्यीय शिक्षकों की समिति बनाई गई है। ‘मिशन ज्ञान गंगा’ केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि शिक्षा को जन–आंदोलन बनाने की पहल है—सशक्त शिक्षक, सशक्त विद्यार्थी और सशक्त समाज की दिशा में एक सार्थक प्रयास हैं, जिसमें विद्यार्थियों में विषय के प्रति समझ, आत्मविश्वास और सीखने की रुचि विकसित होगी। यह कंटेंट शिक्षकों के लिए भी सहायक सिद्ध होगा तथा कक्षा शिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाएगा।

उन्होंने अवगत कराया कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने इस परियोजना के माध्यम से हरिद्वार को शैक्षिक नवाचार व मॉडल जनपद के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया है, जिससे छात्र छात्र-छात्राओं को उनकी रूचि के अनुसार पाठ्यक्रम में वीडियो के माध्यम जानकारी दी जाएगी।

मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा ने इसे प्रदेश में अभिनव शैक्षिक प्रयोग बताते हुए अन्य जनपदों के लिए अनुकरणीय मॉडल करार दिया। उन्होंने अवगत कराया कि इस परियोजना का उद्देश्य कक्षा 3 से 12 तक के विद्यार्थियों को कठिन विषयों की जटिल अवधारणाओं को सरल, रोचक एवं गुणवत्तापूर्ण वीडियो शिक्षण के माध्यम से समझाना है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के अनुरूप सभी विद्यार्थियों तक समान, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।

उन्होंने बताया कि मिशन ज्ञान गंगा के अंतर्गत विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए संकल्पना आधारित वीडियो कंटेंट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों में विषय के प्रति समझ, आत्मविश्वास और सीखने की रुचि विकसित होगी। यह कंटेंट शिक्षकों के लिए भी सहायक सिद्ध होगा तथा कक्षा शिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाएगा।

डायट प्राचार्य मेराज अहमद ने अवगत कराया कि पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के आधार पर इसे आगे और विस्तार दिया जाएगा, जिससे अधिकाधिक विद्यार्थियों को लाभ मिल सके।

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