कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से पूछे सवाल, बच्चों के सही जवाब पर किया उत्साहवर्धन, विद्यालय में खेल मैदान की आवश्यकता पर भी दिया जोर
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जनपद की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित निरंतर प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने अपर रोड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।

बच्चों से सवाल पूछकर परखी शिक्षा की गुणवत्ता
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी विभिन्न कक्षाओं में पहुंचे और छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों से पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्न पूछने के साथ ही गणित के सवाल भी हल करवाए। विद्यार्थियों ने सभी प्रश्नों के सही उत्तर दिए, जिस पर जिलाधिकारी ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि की सराहना की।
जिलाधिकारी ने शिक्षिकाओं को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी प्रदान किया जाए, ताकि बच्चे किताबी ज्ञान को दैनिक जीवन में उपयोग करना सीख सकें। उन्होंने कहा कि बच्चों की समझ विकसित करने के लिए शिक्षण को अधिक प्रभावी और उपयोगी बनाया जाना आवश्यक है।

पुराने भवन के स्थान पर बनेगा नया विद्यालय भवन
विद्यालय भवन की स्थिति का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने पुराने भवन के स्थान पर नए विद्यालय भवन के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित चंद को नए विद्यालय भवन के निर्माण के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में सुरक्षित एवं सुविधाजनक भवन बच्चों की पढ़ाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जाना चाहिए।
बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल मैदान पर जोर
जिलाधिकारी ने विद्यालय में खेल मैदान की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेलकूद एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियां भी जरूरी हैं। खेलकूद से बच्चों में शारीरिक क्षमता, अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास का विकास होता है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ऐसा वातावरण मिलना चाहिए, जहां वे शिक्षा के साथ-साथ अपनी प्रतिभा और क्षमताओं को भी विकसित कर सकें।
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार प्रशासन की प्राथमिकता
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि जनपद में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं के विकास, आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने और शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों से समर्पित भाव से कार्य करने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा की।
निरीक्षण के दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित चंद, प्रधानाध्यापिका श्रीमती सपना रानी, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह, विद्यालय की शिक्षिकाएं तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।