हरिद्वार में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, पहली बार पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल, फील्ड ट्रेनर्स को दिया प्रशिक्षण

हरिद्वार ( डॉ. शिवा अग्रवाल )। आगामी जनगणना-2027 को लेकर जनपद हरिद्वार में तैयारियां तेज हो गई हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 23, 24 और 25 मार्च 2026 को आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना कार्य से जुड़े फील्ड ट्रेनर्स को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में जनगणना निदेशालय, गृह मंत्रालय भारत सरकार, उत्तराखंड देहरादून के प्रतिनिधियों के साथ मास्टर ट्रेनर्स भी शामिल रहे।

प्रशिक्षण के बाद अब ये फील्ड ट्रेनर्स जनगणना कार्य में नियुक्त होने वाले गणनाकार (Enumerator) और पर्यवेक्षक (Supervisor) को प्रशिक्षित करेंगे, जिससे जमीनी स्तर पर पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित की जा सके।

पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना

जनगणना-2027 कई मायनों में खास रहने वाली है। यह पहली बार होगा जब पूरी जनगणना प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी। गणनाकार और सुपरवाइजर मोबाइल एप के जरिए सीधे डाटा संग्रह करेंगे। साथ ही “जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS Portal)” का उपयोग कर डेटा का संकलन, प्रबंधन और निगरानी की जाएगी। इससे जनगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता, सटीकता और गति बढ़ने की उम्मीद है।

दो चरणों में होगी जनगणना

पहला चरण: मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना

यह चरण 25 अप्रैल 2026 से 24 मई 2026 तक प्रस्तावित है। इसमें घर-घर जाकर मकानों और उनके विवरण का सर्वे किया जाएगा।

इसके साथ ही 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 के बीच “स्वयं गणना (Self Enumeration)” की सुविधा भी दी जाएगी, जिसमें परिवार स्वयं वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

दूसरा चरण: जनसंख्या गणना

यह चरण 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक संचालित होगा, जिसमें जनसंख्या से संबंधित विस्तृत आंकड़े जुटाए जाएंगे।

पर्वतीय क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए वहां जनसंख्या गणना का कार्य 11 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच किए जाने का प्रस्ताव है, ताकि भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप कार्य सुगमता से पूरा हो सके।

प्रशासनिक व्यवस्था और जिम्मेदारियां

जनपद में प्रत्येक तहसील और नगर क्षेत्र को एक जनगणना चार्ज के रूप में चिन्हित किया जाएगा। हर चार्ज के लिए एक चार्ज अधिकारी नियुक्त होगा, जो पूरे जनगणना कार्य का संचालन करेगा।

चार्ज अधिकारियों की मुख्य जिम्मेदारियों में—

वेब मैपिंग और क्रिएटर एप के माध्यम से जियो-टैगिंग

सीमाओं (Boundaries) का निर्धारण और सत्यापन

हाउस लिस्टिंग और जनसंख्या गणना की निगरानी

CMMS पोर्टल के जरिए डेटा प्रबंधन और पर्यवेक्षण

फील्ड कार्य की समयबद्धता, पूर्ण कवरेज और सटीकता सुनिश्चित करना शामिल है।

पारदर्शिता और सटीकता पर जोर

जिला प्रशासन के अनुसार, डिजिटल प्रणाली लागू होने से डेटा संग्रहण अधिक सटीक, पारदर्शी और प्रभावी होगा। साथ ही, इससे कार्य की निगरानी भी आसान हो जाएगी और त्रुटियों की संभावना कम होगी।

जिलास्तर पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में फिंचाराम चौहान (अपर जिलाधिकारी प्रशासन, हरिद्वार), उत्तम सिंह, जनगणना निदेशालय के प्रतिनिधि तथा मास्टर ट्रेनर्स सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने इसे एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया बताते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य संपन्न करने के निर्देश दिए हैं।

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