रेखा आर्य के पति ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, बोले- सड़क से उठाकर मंत्री तक बनवाया
देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद अब सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है। रेखा आर्य की ओर से कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक किए जाने और पति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद गिरधारी लाल साहू ने वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है। साहू ने मंत्री पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि रेखा आर्य को राजनीति में आगे बढ़ाने और मंत्री पद तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रही है।
गिरधारी लाल साहू ने अपने वीडियो में कहा कि उत्तराखंड और सोमेश्वर की जनता जानती है कि उन्होंने रेखा आर्य को कहां से कहां तक पहुंचाया। उन्होंने दावा किया कि रेखा आर्य को सड़क से उठाकर मंत्री तक बनवाने में उनकी भूमिका रही है। साहू ने आरोप लगाया कि मंत्री को अपने पद और सत्ता का घमंड हो गया है और वह भूल गई हैं कि उनके राजनीतिक सफर में किसने उनका साथ दिया।
साहू ने रेखा आर्य पर करीब 200 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति अर्जित करने और सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि भ्रष्टाचार के जरिए संपत्ति जुटाई गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही इनके संबंध में किसी आधिकारिक जांच के निष्कर्ष की जानकारी सामने आई है।
रेखा आर्य की ओर से सार्वजनिक किए गए कथित ऑडियो को लेकर भी साहू ने सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि ऑडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से तैयार किया गया है। साहू ने आरोप लगाया कि इस ऑडियो के जरिए उनके परिवार में विवाद पैदा करने की कोशिश की गई है। उन्होंने रेखा आर्य से पुलिस में दी गई शिकायत वापस लेने की अपील भी की।
गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मंत्री ने पति पर मारपीट, उत्पीड़न, धोखाधड़ी और हत्या की साजिश सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सार्वजनिक की थी।
फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। गिरधारी लाल साहू की ओर से लगाए गए 200 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति और सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। इन आरोपों पर मंत्री रेखा आर्य का पक्ष और किसी आधिकारिक जांच का निष्कर्ष सामने आने पर ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।