जनगणना 2027: भेल के मानव संसाधन विकास केंद्र में शुरू हुआ तीन दिवसीय प्रशिक्षण

अतुल सचान और हरीश सिंह बग्वार ने दीप प्रज्वलित कर किया उद्घाटन, डिजिटल प्रक्रिया और सटीक आंकड़ों के संकलन पर रहेगा जोर

हरिद्वार। जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत सोमवार को बीएचईएल के मानव संसाधन विकास केंद्र में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन अपर महाप्रबंधक अतुल सचान एवं मानव संसाधन विकास केंद्र के प्रभारी हरीश सिंह बग्वार ने दीप प्रज्वलित कर किया। प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना कार्य से जुड़े कार्मिकों को निर्धारित प्रक्रिया, डिजिटल माध्यमों और आंकड़ों के सटीक संकलन के संबंध में प्रशिक्षित करना है, ताकि जनगणना का कार्य व्यवस्थित एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न किया जा सके। उद्घाटन अवसर पर अपर महाप्रबंधक अतुल सचान ने कहा कि जनगणना देश की एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है। इससे प्राप्त आंकड़े सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं, नीतियों और भविष्य की आवश्यकताओं के आकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जनसंख्या से संबंधित सटीक जानकारी के आधार पर ही विकास की प्राथमिकताएं निर्धारित करने में सहायता मिलती है। उन्होंने प्रशिक्षण में दी जाने वाली जानकारियों को गंभीरता से समझने तथा जनगणना संबंधी दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ करने पर जोर दिया।

मानव संसाधन विकास केंद्र के प्रभारी हरीश सिंह बग्वार ने कहा कि जनगणना का सफल संचालन संबंधित कार्मिकों की दक्षता और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने पर निर्भर करता है। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को जनगणना की प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्मिक को अपने दायित्वों और कार्यप्रणाली को अच्छी तरह समझना चाहिए, जिससे क्षेत्र में कार्य करते समय किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

प्रश्नावली और सही आंकड़ों के संकलन पर दिया जोर

जिला फील्ड ट्रेनर डॉ. शिवा अग्रवाल ने प्रशिक्षण के प्रथम दिवस प्रतिभागियों को जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले विभिन्न सवालों और उनसे संबंधित जानकारियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने समझाया कि जनगणना के दौरान निर्धारित प्रश्नों को सही तरीके से पूछना, उत्तरों को ध्यानपूर्वक समझना और प्राप्त जानकारी को निर्धारित प्रारूप में दर्ज करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रश्न पूछने की प्रक्रिया में स्पष्टता और एकरूपता बनाए रखने से आंकड़ों की गुणवत्ता बेहतर होती है।

उन्होंने बताया कि जनगणना कार्य के दौरान प्रगणकों को निर्धारित प्रश्नावली के अनुरूप जानकारी एकत्र करनी होगी। इसके लिए यह आवश्यक है कि वे प्रत्येक प्रश्न का उद्देश्य समझें और संबंधित व्यक्ति से सहज एवं स्पष्ट तरीके से सवाल पूछें। किसी प्रश्न को लेकर असमंजस होने पर निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करना चाहिए, ताकि दर्ज किए जाने वाले आंकड़ों में त्रुटि की संभावना कम हो।

मोबाइल एप से दर्ज की जाएगी जानकारी

प्रशिक्षक रवि कुमार गोस्वामी ने कहा कि जनगणना 2027 में डिजिटल माध्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मोबाइल एप के माध्यम से जानकारी दर्ज करने, डिजिटल प्रक्रिया को समझने तथा निर्धारित तकनीकी दिशा-निर्देशों का पालन करने के बारे में जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से कार्य करते समय प्रत्येक जानकारी को सावधानीपूर्वक दर्ज करना और उसकी शुद्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है।

उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि जनगणना केवल आंकड़े एकत्र करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश की जनसंख्या से संबंधित विश्वसनीय जानकारी जुटाने का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है। इसलिए प्रत्येक प्रगणक और सुपरवाइजर को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पूरी गंभीरता एवं सावधानी के साथ कार्य करना चाहिए।

तीन दिन तक दी जाएगी जनगणना प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी

तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जनगणना से संबंधित प्रक्रिया, पूछे जाने वाले सवालों, डिजिटल माध्यमों के उपयोग और कार्य के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को जनगणना कार्य के दौरान आने वाली संभावित समस्याओं को समझने तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप उनका समाधान करने के लिए तैयार किया जा रहा है। इस अवसर पर विपुंज कुमार, दया शंकर शुक्ला सहित जनगणना कार्य से जुड़े सुपरवाइजर एवं प्रगणक उपस्थित रहे।

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