डीएम मयूर दीक्षित का स्कूलों में औचक निरीक्षण, शिक्षा की गुणवत्ता से लेकर मिड-डे मील तक परखी व्यवस्था

कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से पूछे पाठ्यक्रम से जुड़े सवाल, मिड-डे मील की गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था का भी लिया जायजा

334 में से 204 छात्र मिले उपस्थित, एक शिक्षक फरवरी 2025 से अनुपस्थित; डीएम ने मांगी जानकारी

हरिद्वार। जनपद में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं की वास्तविक स्थिति परखने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-3, ज्वालापुर तथा राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-18, कनखल का औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया और उनके शैक्षणिक स्तर, पढ़ाए जा रहे पाठ्यक्रम तथा मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक विद्यालय में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्रत्येक शिक्षक की नैतिक जिम्मेदारी है। शिक्षकों को पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करना चाहिए।

मिड-डे मील में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

जिलाधिकारी ने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता का भी निरीक्षण किया और निर्देश दिए कि बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने भोजन में हरी सब्जियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिड-डे मील की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने विद्यालय परिसर, कक्षाओं, शौचालयों और पेयजल व्यवस्था में विशेष स्वच्छता बनाए रखने तथा नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बच्चों से सीधे जाना शिक्षा और भोजन का हाल

डीएम ने कक्षाओं में जाकर छात्र-छात्राओं से पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्न पूछे और उनकी शैक्षणिक प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों से यह भी पूछा कि उन्हें विद्यालय में किस प्रकार का भोजन दिया जाता है, भोजन नियमित रूप से मिलता है या नहीं तथा उसकी गुणवत्ता कैसी है।

334 में से 204 बच्चे मिले उपस्थित

राजकीय प्राथमिक विद्यालय में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं की संख्या और शिक्षकों की उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी ली। प्रधानाध्यापिका श्रीमती सरिता रानी चौधरी ने बताया कि विद्यालय में कुल 334 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जिनमें से निरीक्षण के दौरान 204 उपस्थित थे। विद्यालय में कुल 12 शिक्षक कार्यरत हैं।प्रधानाध्यापिका ने यह भी अवगत कराया कि शिक्षक फरमुद अहमद 04 फरवरी 2025 से विद्यालय से अनुपस्थित चल रहे हैं। जिलाधिकारी ने इस संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की।

अभिभावकों से नियमित बैठक के निर्देश

जिलाधिकारी ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के साथ समय-समय पर बैठक आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा, नियमित उपस्थिति और शैक्षणिक प्रगति में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।

पुराने विद्यालय भवनों की मरम्मत CSR से कराने की योजना

जिलाधिकारी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान जिन विद्यालयों में कमियां सामने आ रही हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दूर कराया जाएगा। उन्होंने पुराने विद्यालय भवनों के मरम्मत एवं रखरखाव के कार्यों को सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के माध्यम से कराने के लिए कार्ययोजना तैयार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए विद्यालयों का नियमित औचक निरीक्षण और प्रभावी निगरानी आगे भी जारी रहेगी। निरीक्षण के दौरान संबंधित शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *