शिक्षा का अधिकार डेस्क। अधिकारियों की नाक तले हुए पीएम पोषण घोटाले की जांच अवधि एक हफ्ता और बढ़ा दी गई है। जांच कमेटी को पहले दो दिन का समय दिया था। कमेटी ने शिक्षा महानिदेशक को अपनी प्राथमिक रिपोर्ट सौंप दी है। बताया जा रहा है प्राथमिक रिपोर्ट में कई अहम खुलासे किए गए हैं, इनकी विस्तृत जांच के लिए कमेटी को और वक्त दिया गया है।
उपनल के संविदा कर्मचारी पर पीएम पोषण योजना का 3.15 करोड़ रुपये का बजट अपने करीबी रिश्तेदारों के खातों में जमा करा दिया था। जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती ने बीती 20 जून को रायपुर थाने में पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत एमआईएस समन्वयक नवीन सिंह रावत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के निर्देश पर शिक्षा महानिदेशक ने घपले की जांच के लिए कमेटी गठित की। कमेटी की अध्यक्ष अपर निदेशक गढ़वाल कंचन देवराड़ी ने प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है। शिक्षा महानिदेशक दीप्ति सिंह ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जानी जरूरी है, इसलिए कमेटी को एक हफ्ते का समय दे दिया है। जांच में पता लगा है कि नवीन सिंह ने नेट बैंकिंग का दुरुपयोग कर योजना के तहत बची हुई रकम को रिश्तेदारों के खातों में डाला। वहीं दूसरी ओर इस संपूर्ण प्रकरण में अधिकारियों की लापरवाही भी कम नहीं है। नियमानुसार इस तरह के खातों का संचालन पूर्णकालिक कर्मचारी को दिया जाता है परन्तु ऐसा नहीं किया गया। उपनल कर्मचारी खेला करता रहा ओर अधिकारी सोते रहे।