हरिद्वार। राजकीय प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण भट्टाचार्य के नेतृत्व में शुक्रवार को जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक (LDM) पंजाब नेशनल बैंक दिनेश कुमार गुप्ता से उनके कार्यालय BHEL सेक्टर-3 में मिला।

प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें अवगत कराया कि विद्यालयों के एसएमसी खातों को यह कहते हुए फ्रीज किया जा रहा है कि पहले उन्हें दर्पण ऐप में रजिस्ट्रेशन करना होगा, तभी लेनदेन संभव होगा। संगठन ने बताया कि वित्तीय वर्ष का अंतिम महीना चल रहा है और विभाग से प्राप्त विभिन्न मदों की धनराशि का 100 प्रतिशत व्यय करना अनिवार्य होता है। यदि खाते फ्रीज रहेंगे तो खर्च करना और आगे होने वाले ऑडिट की प्रक्रिया भी प्रभावित होगी। इस पर एलडीएम दिनेश कुमार गुप्ता ने कहा कि जिन खातों को फ्रीज किया गया है, उनके लिए संबंधित बैंक में रिव्यू पिटीशन दी जाए। इसके बाद 15 दिनों के लिए खाता खोला जा सकता है, हालांकि बाद में केवाईसी कराना आवश्यक होगा।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चंद से मुलाकात कर विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि विद्यालयों में गैस सिलेंडर की भारी किल्लत है और कई विद्यालयों को सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने तुरंत एलपीजी के जिला नोडल अधिकारी तथा जिला पूर्ति अधिकारी हरिद्वार से दूरभाष पर संपर्क कर समस्या से अवगत कराया। संबंधित अधिकारियों ने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी अवगत कराया कि वर्तमान में बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और 17 मार्च से प्राथमिक विद्यालयों की गृह परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं, जबकि इसी बीच एफएलएन फॉलोअप प्रशिक्षण का आदेश भी जारी किया गया है। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने डायट रुड़की के प्राचार्य मेराज अहमद से दूरभाष पर वार्ता कर बीच का रास्ता निकालने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन शिक्षकों के लिए संभव हो, वे प्रशिक्षण में जाएं, जबकि जिन विद्यालयों में परीक्षा आदि के कारण समस्या हो, उन्हें प्रशिक्षण के लिए बाध्य न किया जाए। साथ ही अन्य शिक्षकों का एफएलएन फॉलोअप प्रशिक्षण बोर्ड परीक्षाएं और प्राथमिक विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं समाप्त होने के बाद कराया जाए। डायट प्राचार्य ने इस संबंध में जल्द समाधान निकालने का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने एकल विद्यालयों में शिक्षक व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया, जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि अप्रैल के पहले सप्ताह तक सभी एकल विद्यालयों में हर हाल में शिक्षकों की व्यवस्था कर दी जाएगी।
इसके अलावा सत्रांत लाभ के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों से मांगे गए विभिन्न प्रमाणपत्रों पर भी चर्चा हुई। संगठन ने बताया कि विगत 10 वर्ष की गोपनीय आख्या, पिछले तीन वर्षों के सभी प्रकार के अवकाशों का विवरण, तीन वर्षों की विषयवार-अध्यापक वार समय सारणी तथा शिक्षक डायरी जैसी शर्तें व्यावहारिक नहीं हैं। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि अवकाश के संबंध में केवल पिछले तीन वर्षों में लिए गए मेडिकल अवकाश की सूचना ही दी जाए, अन्य अवकाशों का विवरण आवश्यक नहीं है। साथ ही प्राथमिक विद्यालयों के सत्रांत लाभ चाहने वाले शिक्षकों को विषयवार-अध्यापक वार समय सारणी और पिछले 10 वर्षों की गोपनीय आख्या देने की भी आवश्यकता नहीं होगी।
प्रतिनिधिमंडल में संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण भट्टाचार्य, जिला महामंत्री दर्शन सिंह पंवार, खानपुर इकाई के अध्यक्ष प्रमोद अदाना, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार, सुनील बोहरे, अरविंद मिड्डा सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।