शिक्षा का अधिकार डेस्क। सीतापुर के नदवा प्राइमरी स्कूल में एक सनसनीखेज घटना ने पूरे शिक्षा विभाग को हिलाकर रख दिया। शर्मसार करने वाली इस घटना ने सोशल मीडिया पर खूब चकल्लस मचा रखी है। मामले की शुरुआत तब हुई जब इस विद्यालय के प्रिंसिपल बृजेंद्र वर्मा ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अखिलेश प्रताप सिंह को उनके ही ऑफिस में बेल्ट से पीट दिया, और इस मारपीट का CCTV फुटेज वायरल हो गया। पहले तो यह आपसी विवाद लग रहा था परन्तु जब मामले की परतें उधड़ी तब पता चला कि इस विवाद के दो किरदार नहीं बल्कि एक ओर हैं जो इस विद्यालय की सहायक अध्यापिका हैं। जिनका नाम अवंतिका गुप्ता है।
कौन हैं अवंतिका गुप्ता?
अवंतिका गुप्ता सीतापुर के महमूदाबाद ब्लॉक में नदवा प्राइमरी स्कूल में सहायक शिक्षिका के पद पर तैनात थी, जिन्हें अब निलंबित कर दिया गया है। वे लंबे समय से स्कूल में अनुपस्थित थीं, जिसके कारण यह विवाद शुरू हुआ। स्कूल के बच्चों और अभिभावकों ने दावा किया कि अवंतिका ‘महीनों गायब रहती हैं, और जब आती हैं तो देर से आकर जल्दी चली जाती हैं।’ कुछ बच्चों ने कहा कि वे ‘मेकअप करने में ज्यादा व्यस्त रहती हैं।’ अवंतिका का इंस्टाग्राम अकाउंट वायरल हुआ, जिसमें उनके डांस वीडियो हैं। यह विवाद को और सनसनीखेज बना रहा।

विवाद की शुरुआत: हाजिरी का दबाव
BSA अखिलेश प्रताप सिंह ने प्रिंसिपल बृजेंद्र वर्मा पर कथित रूप से अवंतिका की गैर-हाजिरी के बावजूद उनकी उपस्थिति दर्ज करने का दबाव बनाया। एक वायरल ऑडियो में BSA कहते सुने गए, ‘अवंतिका मेडिकल लीव पर हैं, गांव वालों को यही बताओ।’बृजेंद्र ने जवाब दिया, ‘उनकी गाड़ी रोज मेरे घर के पास से गुजरती है। लोग पूछते हैं तो मैं क्या कहूं?’ इस बातचीत ने दोनों के बीच तनाव बढ़ाया।
प्रिंसिपल ने BSA बेल्टों से पीटा
23 सितंबर 2025 को प्रिंसिपल बृजेंद्र वर्मा (Principal Brijendra Verma), BSA ऑफिस में स्पष्टीकरण देने पहुंचे। बहस के बाद बृजेंद्र ने BSA अखिलेश प्रताप सिंह पर बेल्ट से हमला किया, उनका फोन तोड़ा, और सरकारी कागजात फाड़े। CCTV फुटेज में 22 सेकंड में 3 बार बेल्ट से वार दिखा। अखिलेश ने कहा, ‘बृजेंद्र जवाब देने में विफल रहे, तो मैंने डांटा। फिर वे आक्रामक हो गए और बेल्ट से पीटा।’
शिक्षिका को किया निलंबित
अवंतिका को 21 अगस्त से 20 सितंबर 2025 तक की अनुपस्थिति के लिए जवाब देने को कहा गया। वे 23 सितंबर को सुनवाई में नहीं आईं, जिसके बाद BSA ने उच्च अधिकारियों के निर्देश पर उन्हें सस्पेंड कर दिया। उनके वेतन को पहले ही रोका जा चुका था। बच्चों के बयानों ने उनकी अनुपस्थिति को पुख्ता किया।
प्रिंसिपल को जेल और सस्पेंशन
BSA की शिकायत पर पुलिस ने बृजेंद्र वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उनकी जमानत याचिका खारिज हो गई। शिक्षा विभाग ने उन्हें तत्काल सस्पेंड कर दिया। बृजेंद्र की पत्नी सीमा वर्मा ने X (पूर्व में ट्विटर) पर वीडियो में दावा किया, ‘BSA मेरे पति को बार-बार जलील करते थे और अवंतिका की हाजिरी लगाने का दबाव बनाते थे।
BSA भी सस्पेंड, योगी सरकार की कार्रवाई
मामला CM योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) तक पहुंचा। वायरल ऑडियो और CCTV फुटेज के बाद BSA अखिलेश प्रताप सिंह को सस्पेंड कर दिया गया। योगी ने इस मामले में निष्पक्ष जांच के आदेश दिए। BSA का अवंतिका को सपोर्ट करना और दबाव बनाना उनकी सस्पेंशन की वजह बना।
