शिक्षा का अधिकार डेस्क। उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता लाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने नई राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा (SCF) के तहत अब सभी सरकारी विद्यालयों की समय सारिणी एक समान करने का फैसला किया है।

अब ग्रीष्म और शीतकालीन अवकाश के बावजूद स्कूल सुबह 8:50 बजे खुलेंगे और दोपहर 3:15 बजे बंद होंगे। प्रतिदिन सुबह 25 मिनट की प्रार्थना सभा होगी और दोपहर में 40 मिनट का इंटरनल अवकाश रहेगा। नई समयसारिणी के तहत कम से कम 220 शिक्षण दिवस सुनिश्चित किए जाएंगे। इससे शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन लंबी छुट्टियों में कटौती की जाएगी।
नई व्यवस्था 16 जनवरी से मॉडल के रूप में कुछ स्कूलों में शुरू की जा रही है। वर्तमान में अधिकांश सरकारी स्कूल औसतन 200 दिन पढ़ाई कर पाते है। जबकि NEP-2020 के अनुसार न्यूनतम 220 दिन आवश्यक हैं।
बैठक में SCERT की निदेशक बंदना गर्ब्याल के अलावा अपर निदेशक पदमेंद्र सकलानी, सीमेट विशेषज्ञ डॉ. मोहन बिष्ट, डॉ. अंकित जोशी और डॉ. रमेश बड़ोनी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
डा. बंदना गर्ब्याल ने कहा कि प्रतिदिन न्यूनतम 6 घंटे 25 मिनट का कार्यदिवस तय किया गया है। जो स्कूलों की कार्य संस्कृति और शैक्षणिक प्रक्रियाओं में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेगा।