देहरादून/हरिद्वार। सुप्रीम कोर्ट द्वारा टीईटी की अनिवार्यता संबंधी निर्णय के बाद प्राथमिक शिक्षकों की पदोन्नति लटक गई है। उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड सरकार इस मामले में पुनः विचार याचिका दायर करने जा रही है, उसी के उपरांत शिक्षकों का भविष्य तय हो सकेगा।
विदित हो कि जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा.शि.) चमोली, टिहरी गढ़वाल, चम्पावत द्वारा विभिन्न पत्रों द्वारा प्रारम्भिक शिक्षा संवर्ग के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की पदोन्नति के सम्बन्ध में दिशा निर्देश चाहा था।
इस संदर्भ में आज निदेशक प्रारंभिक शिक्षा अजय नौडियाल ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। जनपदों को प्रेषित पत्र में कहा गया कि मा. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 01-09-2025 को संविधान की धारा-142 के अन्तर्गत निर्णय पारित करते हुए सभी शिक्षकों के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश प्रदान किये थे। पारित निर्णयादेश के सापेक्ष राज्य सरकार द्वारा मा. सर्वोच्च न्यायालय में पुर्नविचार याचिका योजित किये जाने का निर्णय लिया गया है तथा मा. सर्वोच्च न्यायालय में पुर्नविचार याचिका योजित कराये जाने की कार्यवाही गतिमान है। इस कारण अगले निर्णय तक प्रमोशन नहीं किया जा सकेंगे।
