विधायक के चेलों ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक से की हाथापाई, अस्पताल ले जाया गया, तनाव की स्थिति

देहरादून में शिक्षा निदेशालय में बवाल: विधायक पर मारपीट का आरोप, निदेशक अस्पताल में भर्ती

देहरादून में शुक्रवार को शिक्षा विभाग के मुख्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल के साथ कथित मारपीट की घटना सामने आई। आरोप है कि उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों ने शिक्षा निदेशालय परिसर में घुसकर उनके साथ हाथापाई की। घटना के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

पहले बहस फिर हाथापाई

प्राप्त जानकारी के अनुसार किसी प्रशासनिक मुद्दे को लेकर विधायक और विभागीय अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला कथित तौर पर हाथापाई तक पहुंच गया। आरोप है कि इस दौरान निदेशक अजय कुमार नौडियाल पर हमला किया गया, जिससे वे घायल हो गए।

घटना के तुरंत बाद उन्हें राजकीय जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

कर्मचारियों में उबाल, कामकाज ठप

घटना की खबर फैलते ही शिक्षा निदेशालय के कर्मचारियों में रोष फैल गया। कर्मचारियों ने इसे प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारी की गरिमा पर हमला बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। कुछ समय के लिए परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

सूत्रों के मुताबिक आक्रोशित कर्मचारियों ने कथित तौर पर विधायक को कार्यालय कक्ष में घेर लिया। बाद में समर्थकों के पहुंचने पर स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। बताया जा रहा है कि विधायक के समर्थकों ने हस्तक्षेप कर उन्हें बाहर निकाला। इस दौरान धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

हड़ताल का ऐलान

घटना के विरोध में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि वरिष्ठ अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है, तो सामान्य कर्मचारी खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेंगे। हड़ताल से विभागीय कार्य और शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका है।

विपक्ष हमलावर, निष्पक्ष जांच की मांग

राजनीतिक हलकों में भी यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विपक्षी दलों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बताया है और निष्पक्ष व पारदर्शी जांच की मांग की है।

वहीं विधायक की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस भी तथ्यों को एकत्रित कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विवाद की असल वजह क्या थी और घटना में किस स्तर पर चूक हुई।

आगे क्या?

फिलहाल शिक्षा निदेशालय में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। कर्मचारियों की हड़ताल से शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों पर व्यापक असर पड़ सकता है। अब सबकी नजर सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

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