हरिद्वार। हरिद्वार और देहरादून पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे UKSSSC पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी खालिद को आखिरकार पुलिस ने हरिद्वार से दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद खालिद को हरिद्वार लाया गया जहां देहरादून एसएसपी अजय सिंह, हरिद्वार एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल और जांच टीम ने उससे लंबी पूछताछ की। आरोपी को बाद में देहरादून पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया, जहां उससे गहन पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह कोई संगठित गैंग नहीं बल्कि कुछ व्यक्तियों का व्यक्तिगत खेल था, जिन्होंने मिलकर प्रश्नपत्र लीक किया। हालांकि पुलिस का दावा है कि अब इस पूरे मामले की तह तक जाकर हर साजिशकर्ता को बेनकाब किया जाएगा।
मामले की जिम्मेदारी देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने पुलिस अधीक्षक देहात जया बलूनी को सौंपी थी। बलूनी के नेतृत्व में टीम ने मंगलवार को हरिद्वार के आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज, बहादरपुर जट का निरीक्षण किया। इसी केंद्र से प्रश्न पत्र बाहर आया था। जांच में परीक्षा केंद्र के प्रिंसिपल, कक्ष निरीक्षकों और अन्य गवाहों से लंबी पूछताछ की गई।
जांच में पता चला कि केंद्र में कुल 18 कमरे थे और परीक्षा के लिए 15 जैमर लगाए गए थे। लेकिन कमरा नंबर 9, 17 और 18 में जैमर नहीं थे, जबकि खालिद कमरा नंबर 9 में परीक्षा दे रहा था। यही से खालिद ने किसी डिवाइस का इस्तेमाल करके परीक्षा के तीन पेज अपनी बहन साबिया को भेजे, जिन्होंने इसे प्रोफेसर सुमन चौहान को भेजा।
मामले में खालिद की बहन साबिया को गिरफ्तार किया गया है। एसपी देहात जया बलूनी ने बताया कि साबिया को खालिद की परीक्षा में हिस्सा लेने की जानकारी थी। इसके बावजूद उसने प्रश्न पत्रों के फोटोज़ को प्रोफेसर सुमन चौहान को भेजा, जिन्होंने उत्तर तैयार किए। खालिद की दूसरी बहन हीना और प्रोफेसर सुमन अभी भी पुलिस हिरासत में हैं।पुलिस के अनुसार, जैमर टीम पर भी संदेह है और यह देखा जा रहा है कि खालिद परीक्षा केंद्र में डिवाइस कैसे लेकर गया।