देहरादून। उत्तराखंड में चुनाव आयोग द्वारा प्रस्तावित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से पहले चल रही प्री-एसआईआर प्रक्रिया में तेजी आई है। अब तक प्रदेश में लगभग 85 प्रतिशत मतदाताओं की बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) मैपिंग पूरी कर ली गई है। आगामी 1 अप्रैल से इस अभियान को और तेज करते हुए राज्यभर में सघन डोर-टू-डोर सत्यापन शुरू किया जाएगा।

सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में जानकारी देते हुए अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशों पर प्री-एसआईआर का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब 1 अप्रैल से उन बूथों पर विशेष फोकस किया जाएगा, जहां मैपिंग का प्रतिशत कम है। इस दौरान हर बूथ पर अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं की सूची भी तैयार की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 11,733 पोलिंग बूथों के सापेक्ष अब तक 19,116 बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त किए जा चुके हैं। राजनीतिक दलों से शत-प्रतिशत बीएलए तैनात करने का आग्रह किया गया है। वर्तमान में भाजपा ने 9,276, कांग्रेस ने 9,506, सीपीआई (एम) ने 217 और बसपा ने 117 बीएलए नियुक्त किए हैं।
राज्य के कई जिलों में बीएलओ मैपिंग का कार्य 90 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। बागेश्वर (98.76%), अल्मोड़ा (93.54%), चंपावत (93.07%), उत्तरकाशी (92.53%) और रुद्रप्रयाग (92.37%) जैसे जिले बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, ऊधमसिंह नगर (77.92%) और देहरादून (75.09%) में मैपिंग का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम है, जहां विशेष अभियान चलाया जाएगा।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता “कॉल विद बीएलओ” सुविधा का उपयोग कर बीएलओ से संपर्क भी कर सकते हैं। इसके लिए आयोग की वेबसाइट के माध्यम से कॉल बुक करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
प्रेस वार्ता में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास भी उपस्थित रहे।