हरिद्वार ( अभिषेक गुप्ता )। कुंभनगरी के सबसे ज्यादा छात्र संख्या एवं खुद को कथित रूप से अनुशासित स्कूल बताने वाले रानीपुर स्थित एक स्कूल में अनुशासन की सरेआम धज्जियां उड़ रही हैं। पहले शिक्षा का अधिकार अधिनियम की अवहेलना कर कक्षा कक्षों में जरूरत से ज्यादा बच्चे भरना उस पर बच्चों की पर्याप्त देखभाल के अभाव में अनुशासन ने पूरी तरह दम तोड़ दिया है। गत वर्षों में फेयरवेल के नाम पर तांडव और अब शिक्षकों पर ही छात्राओं ने आरोप लगाकर पूरे प्रबंधन को कटघरे में ला खड़ा किया है। अब स्कूल प्रबंधन ने मामला संज्ञान में आने पर आनन फानन में कार्यवाही की है।
पिछले कुछ वर्षों से भेल रानीपुर स्थित इस स्कूल में अनुशासन एवं शैक्षिक वातावरण को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
ताजा प्रकरण शिक्षकों द्वारा छात्राओं को मैसेजेस भेजने का है। सूत्रों के अनुसार भेल रानीपुर स्थित इस बड़े स्कूल के दो शिक्षक कुछ पूर्व छात्राओं को मैसेज किया करते थे, कई बार आपत्ति जताने के बाद भी जब शिक्षक नही माने तो एक पूर्व छात्रा ने हिम्मत करते हुए शिक्षक की करतूत सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों से शेयर की। इस बात की भनक स्कूल प्रबंध को लगते ही उन्होंने मामले की अपने स्तर से जांच शुरू कर दी, जिसमे छात्रा के आरोप काफी हद तक सही पाए गए। स्कूल प्रबंधन में तत्काल आरोपित शिक्षकों को निलंबित कर दिया, जबकि मामले के तूल पकड़ने से पहले ही आरोपित शिक्षकों ने इस्तीफा दे दिया है। स्कूल प्रबंधन कि ओर से अभिभावकों को विश्वास दिलाते हुए बताया गया है की उन्होंने अपने स्तर से कार्यवाही की है। मामले को पुलिस को सौप दिया है। वहीं कुछ पूर्व छात्रों ने कहा कि अनुशासन के नाम पर भारी छात्र संख्या एवं उचित नियंत्रण के अभाव में स्कूल पूरी तरह से फ्लॉप हो चुका है। सूत्रों की मानें तो पूर्व प्रिंसिपल के कार्यकाल में स्कूल बेहद अनुशासित था एवं स्टाफ पर भी प्रभावी नियंत्रण था। वर्तमान में विद्यालय गंभीर स्थिति से गुजर रहा है।
प्रधानाचार्य द्वारा अभिभावक को लिखा जवाब

