हरिद्वार। हरिद्वार निवासी भाविन अरोड़ा, आयु 7 वर्ष 5 माह, DAV स्कूल, कक्षा 2 (D) के छात्र हैं। भाविन ने शिव तांडव स्तोत्र का तेज़ और शुद्ध उच्चारण के साथ जाप कर सभी का ध्यान आकर्षित किया है। इतनी कम उम्र में इस प्रकार का अभ्यास, एकाग्रता और शिवभक्ति काबिले-तारीफ है। भाविन की यह उपलब्धि न केवल उनकी मेहनत और अनुशासन को दर्शाती है, बल्कि बच्चों में संस्कार और आध्यात्मिक रुचि का एक सुंदर उदाहरण भी प्रस्तुत करती है। चाइल्ड ड्रीम बूस्टर ऑफ हब बुक्स ऑफ रिकॉर्ड ने 18 जनवरी 2026 को उनकी उपलब्धि के लिए प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किया।

भाविन को दिए प्रमाण पत्र में उल्लेख किया गया कि भारत के उत्तराखंड के हरिद्वार निवासी भाविन अरोरा (जन्म 16 अगस्त, 2018) को अत्यंत कम उम्र में सबसे तेज “शिव तांडव स्तोत्रम” पाठ के क्षेत्र में अपनी असाधारण भक्तिमय अभिव्यक्ति, भाषाई सटीकता और असाधारण पाठ उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रीय रिकॉर्ड हासिल करने के लिए आधिकारिक रूप से प्रमाणित और दर्ज किया गया है। उन्होंने तीव्र और धाराप्रवाह संस्कृत पाठ के माध्यम से उत्कृष्ट भक्तिमय प्रदर्शन किया है, जो उल्लेखनीय स्मृति क्षमता, लयबद्ध संगति, स्पष्ट उच्चारण, श्वास नियंत्रण और आध्यात्मिक प्रस्तुति को दर्शाता है। उनकी संयुक्त क्षमताएं उन्नत भाषाई विकास, संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, अनुशासित अभ्यास और सांस्कृतिक जागरूकता को प्रतिबिंबित करती है। यह असाधारण उपलब्धि भाविन की भक्तिमय प्रतिभा, अभिव्यंजक संचार क्षमता और उत्कृष्ट प्रदर्शन को उजागर करती है। उनकी उपलब्धियाँ वास्तव में प्रेरणादायक, प्रशंसनीय और उल्लेखनीय हैं, जो उन्हें संस्कृत पाठ और सांस्कृतिक भक्ति प्रदर्शन के क्षेत्र में एक विशिष्ट युवा कलाकार के रूप में स्थापित करती हैं, और उनके असाधारण प्रदर्शन के लिए उन्हें राष्ट्रीय मान्यता दिलाती हैं। चाइल्ड ड्रीम बूस्टर ऑफ हब बुक्स ऑफ रिकॉर्ड ने 18 जनवरी 2026 को उनकी उपलब्धि के लिए प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किया।
गौरतलब है कि डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल कनखल के कक्षा दो के छात्र ने सुपर टैलेंटेड किड का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। मात्र 6 वर्ष 11 महीने की आयु में भाविन अरोड़ा ने एक पैर पर खड़े होकर 1 मिनट 7 सेकंड में हनुमान चालीसा का जाप किया था। भाविन ने यह उपलब्धि हासिल कर सुपर टैलेंटेड किड का रिकॉर्ड ब्रेक किया। बचपन से ही आध्यात्मिक कथाएं सुनना भाविन को अच्छा लगता है। भाविन की रुचि को देखते हुए उसके पिता एवं माता ने उसे प्रोत्साहित किया। भाविन के पिता पुनीत अरोड़ा व्यवसायी एवं माता स्मिता शर्मा आर्टिस्ट हैं।