हरिद्वार। उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद की हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का एक और मामला सामने आया है। गृह विज्ञान की परीक्षा में किसी अन्य परीक्षार्थी की जगह परीक्षा देने आई दो फर्जी छात्राओं को परीक्षा केंद्र पर ही पकड़ लिया गया। इससे पहले हिंदी विषय की परीक्षा में भी आठ फर्जी छात्र पकड़े जा चुके हैं, जिनमें चार लड़कियां शामिल थीं।
ऐसे खुली पोल
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गृह विज्ञान की परीक्षा के लिए केंद्र सोहलपुर गांव स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बनाया गया था। परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक को दो छात्राओं की उम्र को लेकर संदेह हुआ।
एडमिट कार्ड में जिन अभ्यर्थियों का नाम दर्ज था, उनकी आयु 30 से 35 वर्ष के बीच थी, जबकि परीक्षा दे रही छात्राएं काफी कम उम्र की दिखाई दे रही थीं। दस्तावेजों की जांच और पूछताछ में मामला साफ हो गया।
दोनों छात्राओं ने स्वीकार किया कि वे अपने ही रिश्तेदारों की जगह परीक्षा देने आई थीं। पकड़ी गई छात्राओं में एक नौवीं कक्षा की छात्रा है, जबकि दूसरी ने पिछले वर्ष ही दसवीं उत्तीर्ण की है।
यूपी के गंगोह से आई थीं
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों फर्जी छात्राएं उत्तर प्रदेश के गंगोह क्षेत्र की रहने वाली हैं। परीक्षा में प्रतिरूपण (इम्पर्सनेशन) के इस प्रयास के बाद दोनों के खिलाफ कलियर थाना में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
पहले भी हो चुका है फर्जीवाड़ा
गौरतलब है कि इससे पहले हिंदी की परीक्षा में भी हरिद्वार में आठ फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ा गया था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने परीक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि परीक्षा की शुचिता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।