शिक्षा का अधिकार डेस्क। सरकारी स्कूल के एक टीचर पर 47 करोड़ रुपए की ठगी करने का आरोप लगा है। पीड़ित परिवारों ने इस मामले की शिकायत एसएसपी देहरादून अजय सिंह से की। शिकायत के बाद एसएसपी ने आरोपी के खिलाफ तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, आरोपी टीचर ने अपनी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर तीन अलग-अलग कंपनियां सर्व माइक्रोफाइनेंस इंडिया एसोसिएशन कंपनी, दून समृद्धि निधि लिमिटेड और दून इंफ्राटेक कंपनी बनाई। इन कंपनियों के जरिए आरोपी ने निवेश के नाम पर करीब 15 हजार लोगों से 47 करोड़ रुपए ठग लिए।
आरोप है कि कंपनियां 2021 से संचालित हो रही थीं और अब तक इन कंपनियों से जुड़े अन्य लोगों के साथ 150 करोड़ रुपए का लेन-देन किया गया। शिकायत में कहा गया कि आरोपी ने निवेशकों को दैनिक जमा, फिक्स्ड डिपॉजिट और मंथली इन्वेस्टमेंट के नाम पर अधिक मुनाफे का लालच देकर पैसे जुटाए। निवेशकों की तय अवधि पूरी होने के बावजूद उन्हें उनका पैसा नहीं लौटाया गया, जिससे निवेशक एसएसपी देहरादून से न्याय की गुहार लगाने को मजबूर हुए। थाना नेहरू कॉलोनी में आरोपी शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
शुरुआती जांच में आरोपी के 8 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है। एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने कहा कि सभी शिकायतकर्ताओं को जांच में सहयोग करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी शिक्षक का नाम विनोद कुमार है। वह पौड़ी गढ़वाल का निवासी है और देहरादून के कुंज विहार, पटेलनगर में निवासरत है। उनके दो बच्चे हैं, जो उत्तराखंड के एक नामी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे हैं। पीड़ितों ने बताया कि आरोपी ने उन्हें कुमाऊं में रियल एस्टेट में निवेश करने का दावा किया। आरोप है कि जमा रकम का कुछ हिस्सा फ्लैट निर्माण में लगाया गया, जबकि शेष पैसा लोगों को लौटाया नहीं गया।