राज्य के 16 शिक्षकों को मिला शैलेश मटियानी पुरस्कार, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने दी बधाई

देहरादून। राजभवन में शुक्रवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह(से.नि.) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के 16 शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य स्तरीय शैक्षिक पुरस्कार से नवाजा। राज्यपाल ने पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों से अपील की कि उन्हें किसने प्रेरणा दी, उस पर अगले नौ महीने में किताब लिखें, ताकि और भी प्रेरणा ले सकें। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि डिजिटल दौर में शिक्षकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि जो गुरुओं का सम्मान करता है, उसे विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। यह सम्मान सिर्फ आपका व्यक्तिगत नहीं बल्कि जिस समाज को अपने शिक्षा दी यह उन सबका भी सम्मान है। उन्होंने कहा कि यह तकनीक का युग है। एआई तकनीक को कैसे रोजमर्रा के कामों में शामिल करेंगे, आप शिक्षकों का इसमें बड़ा योगदान है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी प्राचीन परंपरा से ही गुरु को केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में पथ प्रदर्शक माना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। विशिष्ट अतिथि शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने अपने संबोधन में कहा कि पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों ने खुद के लक्ष्य बनाकर अलग मुकाम हासिल किया है। पुरस्कार प्राप्त करने वाले 16 शिक्षकों में प्राथमिक शिक्षा के नौ, माध्यमिक के पांच, डायट और संस्कृत शिक्षा के एक-एक शिक्षक शामिल थे। इन्हें राज्यपाल ने पांच-पांच पुस्तकें भी भेंट की। कार्यक्रम में सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव रंजना राजगुरु, शैलेश मटियानी के बेटे राकेश मटियानी, बहू गीता मटियानी के साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकारी और शिक्षकों के परिजन मौजूद रहे।

 

माध्यमिक शिक्षा

● पुष्कर सिंह नेगी, पइका सुरखेत, पौड़ी गढ़वाल

● गीतांजलि जोशी, राइंका डुंडा, उत्तरकाशी

● डॉ. सुनीता भट्ट, राजीव गांधी नवोदय विद्यालय देहरादून

● प्रकाश चंद्र उपाध्याय, राइंका बापरू, चंपावत

● दीपक चंद्र बिष्ट, राइंका शेर, ताड़ीखेत, अल्मोड़ा

 

प्रशिक्षण संस्थान

● राजेश कुमार पाठक, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, पिथौरागढ़

 

संस्कृत शिक्षा

● डॉ. बलदेव प्रसाद चमोली, ऋषिकुल विद्यापीठ ब्रह्मचर्याश्रम संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय, हरिद्वार

 

प्राथमिक शिक्षा

● डॉ. यतेंद्र प्रसाद गौड़, राप्रावि लालढांग, दुगड्डा, पौड़ी

● रंभा शाह, राप्रावि मरोड़ा, गैरसैंण, चमोली

● मुरारी लाल राणा, राप्रावि बड़ेथी, उत्तरकाशी

● ठाट सिंह, राप्रावि झबरेड़ीकला, हरिद्वार

● रजनी ममगाईं, राप्रावि मुनिकीरेती, नरेंद्रनगर, टिहरी गढ़वाल

● मिली बागड़ी, राउप्रावि पौंठी, जखोली, रुद्रप्रयाग

● नरेश चंद्र, राउप्रावि पासम, लोहाघाट, चंपावत

● दीवान सिंह कठायत, राउप्रावि उड़ियारी, बेरीनाग, पिथौरागढ़

● डॉ. विनीता खाती, राउप्रावि गाड़ी, ताड़ीखेत, अल्मोड़ा

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