7 बच्चों की मौत पर प्रधानाध्यापक को बनाया बलि का बकरा, रो-रोकर बोली जर्जर नहीं था कमरा

झालावाड़ जिले के मनोहर थाना उपखंड के पिवलोदी गांव में शुक्रवार को स्कूल हादसे में 7 बच्चों की मौत हो गई थी। जिनका अगले दिन अंतिम संस्कार किया गया। जिन बच्चों की मौत हुई है उनमें से अधिकांश की उम्र 7 से 10 साल के बीच के थे। इस घटना पर पहली बार स्कूल की प्रिंसिपल मीना गर्ग का बयान सामने आया है। उनका कहना है कि साल 2022-23 में स्कूल की मरम्मत का करवाया गया था।

पीपलोदी स्कूल की प्रिंसिपल मीना गर्ग ने बताया कि मैं साढ़े सात बजे स्कूल पहुंची। मैंने बच्चों को प्रार्थना के लिए इकठ्ठा किया। बरामदा और चौक गिला हो रहा था, इसलिए कमरे में प्रार्थना करवाई। मैं जैसे ही दूसरे कमरे में बच्चों को बुलाने गई। बाहर निकली तो हादसा हो गया।प्रिंसिपल का कहना है कि भवन जर्जर अवस्था में नहीं था। साल 2022-23 में सरपंच की ओर से स्कूल की छत की मरम्मत का काम करवाया गया। स्कूल की बिल्डिंग में पानी नहीं टपकता था, दो कमरों में टपकता था… जिसे हमने बंद कर रखा है। जिन कमरों की मरम्मत करवाई थी, वहीं छत गिरी है। उन्होंने कहा कि स्कूल के कमरे की छत गिरने से बहुत दुखद घटना हुई है। सारे मेरे बच्चे थे… 9 साल से मैं इस स्कूल में पढ़ा रही हूं। एक-एक बच्चा मेरी आंखों के सामने आ रहा है।

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