ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं की, मुख्य शिक्षा अधिकारी ने रोका 1500 शिक्षकों का जुलाई का वेतन

शिक्षा का अधिकार डेस्क। जिले के 351 प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के करीब 1500 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं को एक जुलाई से 21 जुलाई तक अपनी और छात्रों की उपस्थिति विद्या समीक्षा केंद्र पर दर्ज नहीं कराना भारी पड़ गया। मुख्य शिक्षाधिकारी गोविंद जायसवाल ने बृहस्पतिवार को ऐसे प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापकों और शिक्षक-शिक्षिकाओं का जुलाई माह का वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं। कार्रवाई से शिक्षकों में खलबली मची हुई है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) गोविंद राम जायसवाल ने बताया कि बेतालघाट में 41, भीमताल 68, धारी 16, हल्द्वानी 48, कोटाबाग 27, रामगढ़ 45 ओखलकांडा 61 और रामनगर के 45 विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपनी और छात्रों की उपस्थिति विद्या समीक्षा केंद्र पर दर्ज नहीं कराई है। उन्होंने बताया कि पूर्व में शिक्षकों को रोजाना उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही उपस्थिति दर्ज न होने पर वेतन रोकने की चेतावनी भी दी थी।

सीईओ ने उपस्थिति दर्ज नहीं कराने के चलते इन विद्यालयों में तैनात लगभग 1500 शिक्षकों का जुलाई का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि अगर खंड शिक्षाधिकारी और उप शिक्षाधिकारी की ओर से शिक्षकों का वेतन आहरण किया गया तो उनका भी जुलाई का वेतन रोक दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्या समीक्षा केंद्र पर उपस्थिति दर्ज कराना जरूरी है।

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