शिक्षा का अधिकार डेस्क। राजस्थान के झालावाड़ क्षेत्र में राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल की बिल्डिंग गिरने से सात बच्चों की असमय मौत हो गई एवं कई अन्य घायल हो गए हैं। बात उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों की करें तो यहां भी सैकड़ों स्कूल मरम्मत का इंतजार कर रहे हैं। राज्य के सरकारी स्कूलों की हालत भी ज्यादा संतोषजनक नहीं है। शिक्षा विभाग के अपने ही सर्वे में 1172 स्कूल संवेदनशील श्रेणी में पाए गए हैं। मालूम हो कि बीते साल शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों की इमारतों की स्थिति के आधार पर उन्हें ए से लेकर डी तक चार श्रेणियों में बांटा था।

राज्य के 16 हजार 221 स्कूलों के भवनों का विभिन्न मानकों के आधार पर अध्ययन करने के बाद ये चार श्रेणियां बनाईं गईं। इन स्कूलों में 11 हजार 465 स्कूल बी से डी श्रेणी में आए।। इनमें अतिसंवेदनशील यानि तत्काल मरम्मत की आवश्यकता वाले स्कूलों की संख्या 1172 है। इनमें बेसिक स्कूल 1060 और माध्यमिक स्कूल 112 हैं। शिक्षा अधिकारियों के अनुसार बी और सी श्रेणी में सामान्य मरम्मत के आधार पर स्थिति को सुधारा जा सकता है। लेकिन ज्यादा चिंताजनक स्थिति डी श्रेणी के स्कूलों की है।