हरियाणा की तर्ज पर होंगे शिक्षकों के तबादले, ड्राफ्ट तैयार, जल्द कैबिनेट में लाएगी सरकार

शिक्षा का अधिकार डेस्क। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए तबादला ऐक्ट से अलग एक नई तबादला नीति लागू होने का रास्ता खुलने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरियाणा की तर्ज पर तैयार की गई नई तबादला नीति के प्रस्ताव को कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए हैं। इस नीति को तबादला ऐक्ट में एक घटक के रूप में जोड़ा जा सकता है, जोकि केवल शिक्षा विभाग पर ही लागू होगा।

शिक्षा विभाग पिछले ढाई साल से इस नीति पर काम का रहा है, लेकिन इसे अंतिम रूप नहीं दिया जा पा रहा था। शिक्षकों के तबादलों में आ रही विसंगतियों का मुद़दा संज्ञान में आने पर मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को प्रस्तावित तबादला नीति को गंभीरता से कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

तबादला ऐक्ट के कुछ जटिल प्रावधानों से शिक्षक असहज हैं। उनका कहना है कि तबादला ऐक्ट में सभी विभागों के लिए एक समान नीति तय कर दी गई। जबकि शिक्षा विभाग का स्वरूप काफी अलग है। अन्य विभागों के मुकाबले शिक्षकों का कैडर गांव गांव तक है। इसलिए शिक्षकों की तबादलों से जुड़ी समस्याओं को व्यापक नजरिए से देखा जाना चाहिए।

 

तबादला नीति में तीन जोन में रहेगा राज्य

प्रस्तावित तबादला नीति के तहत राज्य में शिक्षा विभाग को तीन जोन में विभाजित करने की संस्तुति की गई है। पहाड़ के दुर्गम क्षेत्रों को एचएच श्रेणी में रखा गया है। इसमें उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर हैं। जबकि निम्न पर्वतीय क्षेत्र में टिहरी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा को रखा गया है। मैदानी क्षेत्र के लिए तय ‘पी’ जोन में हरिद्वार और यूएसनगर को रखा गया हे। प्रदेश के बाकी जिलों और कुछ आंशिक क्षेत्र निम्न पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में प्रस्तावित हैं। इस नीति को कैबिनेट में रखा जाएगा।

 

आठ सब जोन रहेंगे, हर जोन में जरूरी होगी नौकरी

राज्य को तीन जोन में बांटने के बाद आठ सब जोन में भी विभाजित किया गया है। एक शिक्षक की औसत सेवा अवधि को 35 साल मानते हुए हर जोन में उसकी सेवा की न्यूनतम अवधि को भी तय किया गया है। पांच पर्वतीय सब जोन में 23 वर्ष और तीन मैदानी सब जोन में 12 साल की सेवा तय हैं। शिक्षकों को लाभ देने के लिए उनकी दुर्गम और अतिदुर्गम सेवाओं का लाभ देने के लिए गुणांक तय किए जाएंगे। अविवाहित महिला को विवाद होने पर पति के कार्यस्थल अथवा होम डिस्टिक में एक बार तबादले का मौका मिलेगा। इसी प्रकार पूरे सेवा काल में शिक्षक को एक बार कैडर परिवर्तन की सुविधा भी दी जाएगी।

 

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