बच्चे फेल तो गुरूजी फेल, नहीं मिलेगा प्रमोशन

देहरादूनशिक्षकों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट तैयार करने के लिए विभाग ने नया फार्मूला तैयार कर लिया है। स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति और छात्रों के परीक्षाप परिणाम के साथ ही छात्रों एवं सहयोगियों के साथ व्यवहार के भी अंक शिक्षकों को मिलेंगे। इसके आधार पर उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट लिखी जाएगी। मामला प्रदेश के 60 हजार शिक्षकों से अधिक से जुड़ा है जिनकी पदोन्नति इस फार्मूले के आधार पर तय होगी। अमर उजाला में प्रकाशित खबर के अनुसार शिक्षक के काम के आधार पर जिस शिक्षक को 80 से अधिक अंक मिले हैं उन्हें उत्कृष्ट प्रविष्टि, 71 से 80 अंक पर अति उत्तम, 61 से 70 अंक पर उत्तम और 60 से कम अंक पर एसीआर में संतोषजनक लिखा जाएगा। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की एसीआर के लिए जो फार्मूला तैयार किया है उसमें यह देखा जाएगा कि शिक्षकों की ओर से छात्र-छात्राओं को गृह कार्य नियमित रूप से दिया जा रहा है या नहीं। गृह कार्य की जांच की जा रही है कि नहीं। शिक्षकों के प्रयास से विशिष्ट उपलब्धि, शिक्षण में नवाचारी गतिविधियां भी देखी जाएंगी। उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में छात्र छात्राओं ने यदि मेरिट लिस्ट में 11वें से 25 वां स्थान प्राप्त किया है तो इसके लिए शिक्षक को पांच अंक मिलेंगे। चौथे से 10वां स्थान प्राप्त करने पर आठ अंक एवं मेरिट लिस्ट में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने पर 10 अंक मिलेंगे। शिक्षक के पढ़ाए जाने वाले विषयों में छात्रों की उपलब्धि (अर्जित अंकों का औसत निकालकर प्राप्त अंक) लिखी जाएगी। प्राथमिक स्तर पर औसत अंक पूरे विद्यालय के औसत अंक माने जाएंगे। सहयोगियों के साथ व्यवहार पर अधिकतम चार अंक मिलेंगे। एसीआर लिखते समय यह भी देखा जाएगा कि शिक्षकों को विभागीय नियमों की जानकारी है या नहीं। यदि शिक्षक को विभागीय नियमों की जानकारी है तो इसके लिए उन्हें दो अंक दिए जाएंगे। नियमित रूप से बैठक में शामिल होने और बैठकों में दिए निर्देश का पालन करने पर भी शिक्षकों को अंक दिए जाएंगे।


शिक्षकों की एसीआर लिखते समय शिक्षकों की विद्यालय में उपस्थिति के साथ ही उनकी उपलब्धि देखी जाएगी।

– झरना कमठान, शिक्षा महानिदेशक

 

 

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