हरिद्वार। राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गोपालपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। खास बात यह रही कि इस आयोजन में बच्चों के साथ अभिभावकों, विशेषकर माताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। माताओं ने बच्चों के साथ क्ले वर्क में सहयोग करने के साथ-साथ उन्हें राधा-कृष्ण, देवकी एवं वासुदेव सहित विभिन्न पात्रों के रूप में तैयार कर विद्यालय भेजा।

कार्यक्रम की शुरुआत अभिभावकों के साथ इस माह पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम और आगामी शैक्षिक गतिविधियों को साझा करने से हुई। शिक्षकों ने अभिभावकों को गतिविधि आधारित शिक्षण के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों को गतिविधियों के माध्यम से सीखने के अवसर मिलने पर वे विषयों को अधिक सहजता, रुचि और आनंद के साथ समझते हैं।
जन्माष्टमी समारोह के दौरान विद्यालय परिसर में कृष्ण भक्ति और उल्लास का माहौल रहा। बच्चों ने विभिन्न रूपों में सजकर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, वहीं माताओं ने भी बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की। बच्चों और माताओं ने एक साथ नृत्य कर समारोह को यादगार बना दिया।

विद्यालय के इस प्रयास की विशेषता यह रही कि अभिभावकों की भूमिका केवल दर्शक तक सीमित न रहकर विद्यालय की शैक्षिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदार के रूप में सामने आई। सहभागिता से आगे बढ़कर यह जुड़ाव अब संलिप्तता का रूप ले रहा है, जो विद्यालय और अभिभावकों के बीच मजबूत शैक्षिक साझेदारी का संकेत है।
जन्माष्टमी का यह आयोजन शिक्षा, रचनात्मकता, संस्कृति, आनंद और अभिभावक सहभागिता का सुंदर संगम बनकर सामने आया। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक रॉबिन, सहायक अंजना ध्यानी सहित अन्य लोगों का प्रयास सराहनीय रहा।