देहरादून। प्रदेश के राजकीय एवं निजी माध्यमिक तथा प्रारंभिक विद्यालयों की समय-सारिणी में आंशिक संशोधन को शासन ने मंजूरी दे दी। शिक्षक संगठनों द्वारा समय परिवर्तन को अव्यावहारिक बताते हुए विरोध दर्ज कराने के बावजूद शासन ने इसे निरस्त नहीं किया और नई समय-सारिणी लागू कर दी है।
सचिव रविनाथ रमन की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह व्यवस्था 06 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। इससे पहले प्रस्तावित समय को लेकर शिक्षक संगठनों ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि निर्धारित समय व्यावहारिक नहीं है और इससे शिक्षकों व छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। बावजूद इसके शासन ने अपने निर्णय में कोई बदलाव नहीं किया।
नई समय-सारिणी के तहत विद्यालयों को ग्रीष्मकालीन (01 अप्रैल से 30 सितंबर) और शीतकालीन (01 अक्टूबर से 31 मार्च) सत्रों में विभाजित किया गया है।
ग्रीष्मकालीन सत्र:
प्रार्थना सभा सुबह 07:45 बजे से प्रारंभ होगी, जबकि पहला पीरियड 08:05 बजे से लगेगा। अंतिम पीरियड दोपहर 02:05 बजे तक संचालित होगा।
शीतकालीन सत्र:
प्रार्थना सभा सुबह 08:50 बजे से शुरू होगी और पहला पीरियड 09:10 बजे से लगेगा। विद्यालय संचालन दोपहर 03:10 बजे तक रहेगा।
शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि 28 अगस्त 2018 के आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है, जबकि अन्य प्रावधान यथावत रहेंगे।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि वे इस मुद्दे को आगे भी उठाएंगे, जबकि शिक्षा विभाग का पक्ष है कि यह निर्णय व्यापक हित और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
