देहरादून। गणित के कठिन फार्मूले सिखाने वाले एक शिक्षक खुद ही ठगी के ऐसे गणित में फंस गए, जिसमें जोड़-घटाना करते-करते उनके खाते से करीब नौ लाख रुपये साफ हो गए। सोशल मीडिया पर हुई अनजान दोस्ती ने उन्हें भारी नुकसान पहुंचा दिया।

मामला देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र का है। अजबपुरकलां, शांति विहार निवासी 59 वर्षीय श्रीकृष्ण नौटियाल, जो चंपावत के जवाहर नवोदय विद्यालय में गणित के अध्यापक हैं, साइबर ठगी का शिकार हो गए।
पुलिस को दी गई तहरीर में उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उनके फेसबुक पर गीता ठाकुर नाम के अकाउंट से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। बातचीत के दौरान महिला ने खुद को ऑस्ट्रेलिया में फंसी एक असहाय विधवा बताया और भरोसा जीतने लगी। इसके बाद उसने डीजीसीएक्स नाम की कंपनी में निवेश करने पर 60 से 70 प्रतिशत मुनाफा मिलने का लालच दिया।
ठगों ने विश्वास बढ़ाने के लिए शिक्षक को एक व्हाट्सएप ग्रुप में भी जोड़ दिया, जहां निवेश और मुनाफे के स्क्रीनशॉट दिखाकर उन्हें पैसे लगाने के लिए प्रेरित किया गया। झांसे में आकर शिक्षक ने अलग-अलग किस्तों में करीब 9 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब और पैसे मांगे जाने लगे तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी संजीत कुमार ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस साइबर ठगों के खातों और नंबरों की जांच कर रही है।
सावधानी:
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की बातों में आकर किसी भी तरह का निवेश न करें और संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।