सीमा पर युद्ध की स्थिति के दौरान हर परिस्थिति से निपटने के लिए भारतीय सेना हरिद्वार के जंगली इलाके में युद्धाभ्यास कर रही है। पिछले करीब 1 महीने से पश्चिम कमांड के सैनिक दिन-रात अभ्यास कर पसीना बहा रहे हैं। हिमालय क्षेत्र में युद्ध की स्थिति में अपनी दक्षता परखने के लिए ये सैन्य अभ्यास किया जा रहा है जिसे ‘रैम प्रहार’ का नाम दिया गया है।
हरिद्वार में झिलमिल झील फॉरेस्ट रेंज इलाके में गंगा की नील धारा के पास भारतीय सेना के टैंक, हेलीकॉप्टर और हवाई जहाजों की गड़गड़ाहट की आवाज जंगल के शांत वातावरण में गूंज रही है। मीडिया से रूबरू हुए लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कटियार ने कहा कि ट्रेनिंग और प्रशिक्षण के जरिए भारतीय सेना सभी इक्विपमेंट के इस्तेमाल की अपनी दक्षता को बढ़ा सके इस उद्देश्य से रैम प्रहार युद्धाभ्यास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर दुश्मन अपनी हरकतों से बात नहीं आता है तो ऑपरेशन सिंदूर की तरह भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।